
बुरहानपुर. रमजान के महीने में खजूर से रोजा इफ्तार का विशेष महत्व है।ऐसे में खजूर की ब्रिक्री बढऩे के साथ आगामी ईद को लेकर लोग ड्राईफ्रूट और सूखे मेवों की खरीदारी कर रहे है।रमजान माह के बीच ईरान,इजराइल,अमेरिका युद्ध के हालात बनने से इसका असर शहर के ड्राईफ्रुट और खजूरों व्यापार पर भी देखने को मिल रहा है।अगर जल्द युद्ध बंद नहीं हुई तो ड्राईफ्रुट के दामों में बढ़ोतरी होगी।
शहर के बाजार में खाड़ी देश सऊदी,ईरान,इराक,इंडोनेशिया के साथ दुबाई सहित अन्य देशों से खजूरों के साथ ड्राईफ्रूट का सप्लाय होता है। रमजान और ईद पर खजूरों के साथ ड्राईफ्रूट की खरीदी अधिक रहती है।मुंबई, गुजरात और दिल्ली खजूर की सबसे बड़ी मंडिय़ों में शामिल हैं, यहां से खजूर बुरहानपुर पहुंचती है। लेकिन ईद के ठीक पहले खाड़ी देशों पर हो रहे हमले और युद्ध के हालात देखते हुए व्यापारियों में भी चिंता है।क्योंकि इसका सीधा कारण ईरान और इजराइल, अमेरिका के बीच जारी युद्ध से भारतीय बाजार में खाड़ी देशों से आने वाली कई जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति को प्रभावित हो सकती है।
खजूर के थोक व्यापारियों के अनुसार बाजार में ईरान से अधिक सूखे मेवों की आपूर्ति होती है।पिस्ता, बादाम, काजू, खजूर और केसर से लेकर अन्य ड्राई फ्रूस पहुंचता है। ऐसे में सप्लाय प्रभावित होने से दामों में 15-20 फीसदी तक का उछाल आने की संभावना है।खाड़ी देशों विशेषकर ईरान और इराक से सप्लाई होती है।ईद पर भी खजूर के साथ काजू, बादाम, पिस्ता
आदि की मांग बढ़ जाती है।
खजूर के थोक व्यापारी अब्दुल सादिक बागवान ने बताया कि रमजान माह में रोजा इफ्तार के लिए खजूर की करीब 50 वैरायटियां है।एक माह में करीब 50 टन से अधिक की खपत होती है। 100 रुपए से लेकर 2500 रुपए किलो तक की खजूर बाजार में बिक रही है।कीमीया खजूर की डिमांड अधिक रहती है। विदेशों की महंगी खजूर का टेस्ट बहुत अलग होता है। खजूर एक ऐसा ड्राईफ्रूट है जिसमें फाइबर, आयरन, सोडियम और पोटैशियम जैसे मिनरल्स भी पाए जाते हैं जो काफी फायदेमंद होते है।
Published on:
02 Mar 2026 04:08 pm
बड़ी खबरें
View Allबुरहानपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
