पत्रिका न्यूज नेटवर्क.बुरहानपुर. संकटा चतुर्थी पर रविवार को गणपति मंदिर में भक्तों का मेला लगेगा। संकटा चतुर्थी पर ऐसा माना जाता है कि भगवान अपने भक्तों के संकट समाप्त करते हैं।
मेले में 50 हजार से अधिक भक्तों के लिए व्यवस्था की गई है। आज रविवार को पूरा शहर गणेशजी की भक्ति में लीन हो जाएगा। आज सुबह अभिषेक 3.30 बजे 51 लीटर दूध और पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया जाएगा।
इसके बाद सुबह 5 बजे काकड़ आरती होगी। यहीं से दर्शन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। भक्त यहां पर आना शुरू करेंगे, जो रात के 12 बजे तक पहुंचते हैं। इस बीच रात 8 बजे महाआरती की जाएगी। मंदिर से सवा मन रेवड़ी का प्रसाद बांटा जाएगा। मेले में झुले और दुकानें लगना शनिवार से ही शुरू हो गई है।
बाबा मंगलदास महाराज के हाथों हुई थी शुरुआत
मंदिर के पुजारी के अनुसार इसकी स्थापना मुगल साम्राज्य के समय से हुई थी। जबकि 100 साल पूर्व से मंदिर में मेला लगना शुरू हुआ। इसकी शुरुआत बाबा मंगलदास महाराज के हाथों हुई थी। वहीं बाबा पुरणदासजी ने अग्नि में तपस्या की थी। यहां पर शुरू से साधु संत अखाड़े आते रहते हैं।
जिसकारण इस मंदिर की मान्यता दूर-दूर तक फैली हुई है। और भारी संख्या में भक्त शामिल होते हैं।
इसलिए विशेष है आज का दिन
मंदिर के पुजारी बाल्या महाराज ने बताया सूर्य मकर संक्राति में प्रवेश करता है और गणपति बप्पा को भी समप्रभ: कहते हैं। आज सूर्य का दिन यानी की रविवार भी है, ये सब संकट निवारण योग बनता है।
इस योग में जो दर्शन करेगा, उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होगी। ऐसी मान्यता है कि भगवान के चरण में हाथ रखकर भक्त जो मांगेगा उसकी वह मन्नत पूरी होगी। मुगलकाल में हुई थी गणपति मंदिर की स्थापना