12 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कांग्रेस संभागीय प्रभारी से मिलने की होड़ में भिड़े कार्यकर्ता, प्रभारी मंत्री को बदलने की मांग

प्रभारी मंत्री के निर्दलीय विधायक को तवज्जो देने पर स्थानीय कांग्रेसी नाराज, प्रभारी बोल गए जिन्होंने समर्थन दे रखा है उनके सहयोग की जरूरत

3 min read
Google source verification
MP Congress Burhanpur District News: Clash in Congress Workers

MP Congress Burhanpur District News: Clash in Congress Workers

बुरहानपुर. कांग्रेस संभागीय संगठन प्रभारी की बैठक में खासा हंगामा हो गया। पहले तो सभी ने सरकार में बुरहानपुर (Burhanpur) के जिला प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट (Health Minister Tulsiram Silawat) को बदलने की मांग की। इसके बाद जब प्रभारी वन-टू-वन कार्यकर्ताओं से बंद कमरे में मिल रहे थे, तब अंदर जाने की होड़ में कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय रघुवंशी ने आपसी समझाश पर पूरा मामला शांत कराया। पूरे मामले के बाद निर्दलीय विधायक को प्रभारी मंत्री की ज्यादा तवज्जो पर प्रभारी ने कहा कि जिन्होंने समर्थन दे रखा है उनके भी सहयोग की जरूरत है। सरकार हर व्यक्ति के सहयोग से चलती है, फिर भी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को वे पार्टी हाईकमान तक पहुंचाएंगे।
उत्तराखंड में कांग्रेस के प्रवक्ता व संभागीय संगठन प्रभारी एनपी जोशी और जिला प्रभारी हिम्मत पटेल बुरहानपुर पहुंचे। बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्या जानने के लिए हुसैनी हॉल में जिले भर से पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की बैठक ली। यहां ज्यादातर ने जिला प्रभारी मंत्री सिलावट को बदलने की मांग की। इनकी जगह पूर्व क्षेत्रीय सांसद अरुण यादव के छोटे भाई कृषि मंत्री सचिन यादव को प्रभार देने की मांग की।

Congress
Burhanpur
District News: Clash in Congress Workers" src="https://new-img.patrika.com/upload/2019/12/04/bu0506_5459518-m.jpg">
IMAGE CREDIT: patrika

यूथ कांग्रेस क्या केवल डंडे खाने के लिए
विधानसभा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उबेद उल्ला ने कहा कि एनएसयूआई में रहते भोपाल में डंडे खाए, यूथ कांग्रेस रहते हुए दिल्ली में डंडे खाए। चुनाव आने पर खुद के सभी काम छोड़ देते हैं। मार खाना है तो यूथ कांग्रेस को आगे कर देते हैं। कहीं जाना है तो हम हमारे स्वयं के खर्च पर जाते हैं। अब सरकार आ गई तो यूथ कांग्रेस को कोई पूछन हीं रहा। क्या यूथ केवल डंडे खाने के लिए है।

IMAGE CREDIT: patrika

कांग्रेस की जमानत जब्ती पर कुछ सोचा हमने
वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधिवक्ता कैलाश यावतकर ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत भी हम बचा नहीं पाए हैं। क्या इस पर कभी सोचा है हमने। अब बहुत पीड़ा हो रही है। उनकी इस बात पर कुछ चुप हो गए तो कुछ ने तालियां बजाई। इसके पहले अधिवक्ता हनीफ खान ने कहा कि प्रभारी मंत्री को यहां बदल दिया तो सभी की पीड़ा दूर हो गई। ग्रामीण क्षेत्र से आए कांग्रेसी ने कहा कि रेस्ट हाउस में हम जब आते हैं, तो हम केवल घूमते रहते हैं कोई नहीं पूछता हमें। इस दौरान ग्रामीण अध्यक्ष किशोर महाजन, अधिवक्ता राजेश कोरावाला, उबेद शेख, पूर्वविधायक हमीद काजी, रविंद्र महाजन, अकिल औलिया, इकराम उल्ला अंसारी, गौरी शर्मा, रिंकु टांक, शैली कीर, इंद्रसेन देशमुख, अजय उदासीन, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद थे।

IMAGE CREDIT: patrika

और इधर आपस में भिड़ गए कांग्रेसी
बैठक समाप्त होने के बाद प्रभारी एनपी जोशी ने बंद कमरे में कार्यकर्ताओं को वन टू वन मिलकर समस्या सुनी। जहां कार्यकर्ता अंदर जाने की होड़ में आपस में भिड़ पड़े। पहले दूरदराज से आए ग्रामीण मिलने की बात कर रहे थे, इसे लेकर विवाद की स्थिति बनी और बात हाथापाई तक जा पहुंची। विधानसभा यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उबेद उल्ला और निंबोला क्षेत्र से आए कार्यकर्ता के बीच हाथापाई तक हो गई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय रघुवंशी सहित सभी वरिष्ठ कांग्रेसियों ने समझाकर पूरा मामला शांत कराया।

IMAGE CREDIT: patrika

हाईकमान को बताऊंगा कार्यकर्ताओं की बात
एनपी जोशी ने कहा कि कार्यकर्ताओं से बात करने यहां आया हूं जो कार्यकर्ताओं की बात को सुनने आया हूं। उनकी जो भावनाएं होगी वह पार्टी हाईकमान को अवगत कराऊंगा। संगठन से सरकार बनती है पार्टी स्तर पर जाकर उसका हल करेंगे। जोशी ने बैठक में प्रभारी मंत्री बदलने की बात को नकारा। कहा कि इस तरह की बात किसी कार्यकर्ता ने नहीं की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर जोशी ने कहा कि जिन्होंने समर्थन दे रखा है उनकी भी सहयोग की जरूरत है, और अन्य लोगों के सहयोग भी आवश्यकता है। सरकार बनाने में हर व्यक्ति का सहयोग लेना पड़ता है। जिस तरह से भाजपा ने लोकतंत्र को समाप्त करने का काम किया जगह-जगह विधायक की खरीदी फरोख्त कर अस्थिरता करने का काम कर रही है। अगर विधायक सरकार के पास है तो सरकार को समर्थन है। अगर कार्यकर्ताओं की नाराजगी है, जो कमी होगी उसे दूर करेंगे।