स्टार्टअप्स को बड़े स्तर पर काम करने की जरूरत है। ज्यादातर स्टार्टअप्स खुद को एक ब्रांड बनाने के बाद बेचने के लिहाज से तैयार किए जा रहे हैं, उनके पास कोई लॉन्ग टर्म प्लानिंग नहीं है। ज्यादातर स्टार्टअप्स को वेंचर कैपिटलिस्ट्स फंडिंग करते हैं और एक बार जब वे तैयार हो जाते हैं, तो बड़ी कंपनियां उन्हें खरीद लेती हैं।'