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किसी काम के नहीं हैं 90 फीसदी स्टार्टअप्सः किशोर बियाणी

स्टार्टअप्स को बड़े स्तर पर काम करने की जरूरत है। ज्यादातर पास कोई लॉन्ग टर्म प्लानिंग नहीं है...

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Pritesh Gupta

Sep 09, 2016

Kishore Biyani

Kishore Biyani

नई दिल्ली. फ्यूचर ग्रुप के सीईओ किशोर बियाणी का मानना है कि ज्यादातर स्टार्टअप्स बेहद छोटे स्तर पर काम कर रहे हैं और ज्यादा नौकरियां पैदा करने में सक्षम नहीं हैं। बियाणी ने कहा, '90 फीसदी स्टार्टअप्स तो ऐसे हैं जिनका कोई मतलब ही नहीं है, वे बेकार हैं।

'बिकने के लिए खुल रहे हैं स्टार्टअप्स'

स्टार्टअप्स को बड़े स्तर पर काम करने की जरूरत है। ज्यादातर स्टार्टअप्स खुद को एक ब्रांड बनाने के बाद बेचने के लिहाज से तैयार किए जा रहे हैं, उनके पास कोई लॉन्ग टर्म प्लानिंग नहीं है। ज्यादातर स्टार्टअप्स को वेंचर कैपिटलिस्ट्स फंडिंग करते हैं और एक बार जब वे तैयार हो जाते हैं, तो बड़ी कंपनियां उन्हें खरीद लेती हैं।'

बिग बाजार डाइरेक्ट बंद करने का ऐलान

साथ ही उन्होंने एक हफ्ते के भीतर बिग बाजार डाइरेक्ट को बंद करने का भी ऐलान किया और कहा कि फिलहाल यह समय ई-कॉमर्स बिजनेस की शुरुआत के लिए अच्छा नहीं है।