
इस हफ्ते चांदी में कुछ नरमी आ सकती है। (PC:AI)
ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच चुकी चांदी में इस हफ्ते कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसे में उन लोगों के लिए निवेश का मौका बन सकता है, जिन्हें कीमत गिरने का इंतजार है। वहीं, सोने की कीमत में निखार जारी रहने की संभावना है। एनालिस्ट्स का मानना है कि सेफ-हेवन डिमांड और US फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में नरमी की उम्मीदों के चलते गोल्ड प्राइस चढ़ सकते हैं। जबकि चांदी में जबरदस्त रैली के बाद अब स्थिरता देखी जा सकती है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के दाम इस समय 1,42,474 रुपए प्रति 10 ग्राम पर चल रहे हैं। चांदी 2,87,701 रुपए प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कीमत की बात करें, तो गोल्ड 4,661.66 डॉलर प्रति औंस और चांदी 92.99 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े पर पहुंच गई है। सोने और चांदी दोनों ने ही पिछले कुछ समय में शानदार रिटर्न दिया है, लेकिन चांदी की स्पीड हैरान करने वाली रही है। कमोडिटी एक्स्पर्ट्स का अनुमान है कि अब चांदी थोड़ी नीचे जा सकती है। ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचने के बाद नीचे गिरना आम है, क्योंकि इस स्तर पर मुनाफावसूली शुरू हो जाती है। हालांकि, इसका ये मतलब भी नहीं है कि अब चांदी का आकर्षण खत्म हो गया है।
इस हफ्ते ग्लोबल स्तर पर कई ऐसी खबरें आनी हैं, जिनसे इन धातुओं की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में कमोडिटी एवं करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर (Pranav Mer) के हवाले से बताया गया है कि इस हफ्ते फोकस चीन से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर होगा - जो इंडस्ट्रियल मेटल्स के नजरिए से बहुत जरूरी हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भाषण भी महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने आगे कहा कि घरेलू बाजार में सोने की कीमतें पिछले सप्ताह 2.7% बढ़ीं, जिसका एक कारण डॉलर के मुकाबले रुपए का कमजोर होना भी था। बाद में, शुक्रवार को प्रॉफिट-बुकिंग और लॉन्ग-लिक्विडेशन के बीच सोने की कीमतों में कुछ गिरावट आई।
एंजल वन के प्रथमेश माल्या का अनुमान है कि इस सप्ताह MCX पर गोल्ड प्राइस बढ़कर 1,46,000 रुपए तक पहुंच सकते हैं। जबकि ग्लोबल मार्केट में इसकी कीमत 4,750 डॉलर प्रति औंस हो सकती है। उन्होंने कहा कि US फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, कमजोर डॉलर, कम ट्रेजरी यील्ड और सेंट्रल बैंक की लगातार खरीदारी पीली धातु के लिए सपोर्टिव बनी हुई है। मालूम हो कि चीन जैसे देशों के केंद्रीय बैंकों ने फिर से सोना खरीदना शुरू कर दिया है। इस वजह से गोल्ड डिमांड बढ़ रही है।
सिल्वर के इस सप्ताह कुछ नरम रहने का अनुमान है। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के प्रणव का कहना है कि 100 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंचने पर चांदी में तेज करेक्शन आ सकता है। उन्होंने कहा कि 100 डॉलर का आंकड़ा छूने से पहले चांदी में एक बड़ा करेक्टिव मूव आएगा। चांदी में अब प्रॉफिट बुकिंग भी देखने को मिल रही है। यानी निवेशक चांदी बेचकर मुनाफा कमाने पर ध्यान दे रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चांदी में आगे मजबूती बनी रहने की उम्मीद है।
इनक्रेड मनी के CEO विजय कुप्पा का कहना है कि सोना और चांदी स्ट्रक्चरल रूप से पॉजिटिव बने हुए हैं, भले ही नजदीकी भविष्य में उतार-चढ़ाव की अवधि की संभावना है। उन्होंने कहा कि सेंट्रल बैंक अपने रिजर्व में लगातार सोना जोड़ रहे हैं, जबकि ETF इनफ्लो गोल्ड सप्लाई के एक बड़े हिस्से को अपना बना रहा है। भू-राजनीतिक तनाव और मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितता से इन धातुओं को सपोर्ट मिल रहा है। कुप्पा ने आगे कहा कि टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिफिकेशन से बढ़ती मांग के चलते इंडस्ट्रियल मेटल के तौर पर चांदी की दोहरी भूमिका, एक सपोर्टिव लॉन्ग-टर्म सेटअप बना रही है। लंबे समय तक तेजी के बाद, कंसोलिडेशन और प्राइस करेक्शन सामान्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शॉर्ट-टर्म गिरावट से यह जरूरी नहीं है कि आगे भी नरमी का रुख बना रहेगा।
Updated on:
19 Jan 2026, 9:05 AM IST
Published on:
19 Jan 2026, 8:53 AM IST
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