
भारत बड़ी मात्रा में क्रूड ऑयल खरीद सकता है। (PC: AI)
Crude oil price: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध ने दुनियाभर में तेल और गैस का संकट खड़ा कर दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बंद होने से आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त इजाफे के आसार हैं। भारत का करीब 50 फीसदी तेल और गैस इसी रास्ते से आता है। अमेरिका और इजराइल के ईरान के साथ युद्ध शुरू होने से लेकर अब तक कच्चे तेल की कीमतों में करीब 20 फीसदी से अधिक का उछाल आ चुका है। लेकिन एक उपाय ऐसा है, जिससे भारत को तेल की कमी नहीं रहेगी।
1.5 करोड़ बैरल से ज्यादा रूसी तेल भारतीय तटों के करीब मौजूद है। भारत अगर यह तेल खरीद ले, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहने के बाद भी हमारे पास तेल की कमी नहीं रहेगी। यह 1.5 करोड़ बैरल कच्चा तेल करीब 12 जहाजों पर लदा हुआ है। ये जहाज इस समय अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में हैं। दरअसल इस तेल को अभी तक किसी ने नहीं खरीदा है और न ही यह किसी खास बंदरगाह के लिए रवाना हुआ है। इस रूसी तेल को भारत आने में एक हफ्ते से भी कम का समय लगेगा।
वैश्विक तेल संकट को देखते हुए अमेरिका ने रूसी तेल की खरीदारी में अस्थाई छूट दी है। अमेरिका ने 30 दिन तक के लिए भारत को रूसी तेल खरीदने की छूट दी है। यह वह तेल होना चाहिए जो रास्ते में फंसा हुआ है।
इसके अलावा, 70 लाख बैरल रूसी तेल एक हफ्ते में भारत आ सकता है। यह तेल अभी 8 टैंकरों पर लदा हुआ है, जो इस समय सिंगापुर में हैं। स्वेज नहर और भूमध्य सागर से कई अन्य तेल टैंकर भी पूर्व की तरफ बढ़ रहे हैं। इन टैंकरों को भारत पहुंचने में एक महीने से भी कम का समय लगेगा।
कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार सुबह कुछ गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन शाम होते-होते तेजी वापस आ गई है। शुक्रवार शाम क्रूड ऑयल WTI 4.09 फीसदी या 3.33 डॉलर की बढ़त के साथ 84.31 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, ब्रेंट ऑयल इस समय 1.99 फीसदी या 1.68 डॉलर की बढ़त के साथ 87.06 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।
Updated on:
07 Mar 2026 09:38 am
Published on:
06 Mar 2026 03:53 pm
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