
अमूल की ये सफाई यूट्यूब क्रिएटर ट्रस्टिफाइड के एक वीडियो के बाद आई है (PC: AI Grok)
डेयरी कंपनी अमूल ने मस्ती दही को लेकर अपनी सफाई पेश की है। कंपनी को ओर से जारी एक स्टेटमेंट में कहा गया है कि मस्ती दही, जैसे कंपनी के अन्य उत्पाद, सभी क्वालिटी स्टैंडर्ड्स पर खरा उतरता है और FSSAI के नियमों का पालन करता है।
दरअसल, अमूल की ये सफाई यूट्यूब क्रिएटर ट्रस्टिफाइड के एक वीडियो के बाद आई है जिसमें मस्ती दही को लेकर ये दावा किया गया था कि वो कई क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गया है। अमूल ने अपने बयान में उस वीडियो में किए गए दावों का खंडन किया है और कहा कि ये गलत जानकारी है जिसे उपभोक्ताओं के मन में बेववजह डर और चिंता फैलाने के मकसद से किया गया है।
वायरल ट्रस्टिफाइड यूट्यूब वीडियो में ये दावा किया गया कि टेस्ट में पाउच वैरिएंट में प्रति 100 ग्राम 4.95 ग्राम प्रोटीन (दावे के मुकाबले 4 ग्राम) और 3.51 ग्राम फैट (दावे के मुकाबले 3.1 ग्राम) मिला है।
अमूल की ओर से जारी बयान में कहा गया, "दही एक जीवित उत्पाद है जिसमें स्वस्थ बैक्टीरिया होते हैं और पैक पर दिए निर्देशों के अनुसार सावधानी से हैंडल करना चाहिए। हमें पता नहीं है कि सैंपल टेस्टिंग से पहले कैसे लिया और हैंडल किया गया था।" साथ ही, कंपनी की ओर कहा गया "अमूल मस्ती दही का पैक FSSAI के तहत बताए गए सभी क्वालिटी मानकों के साथ-साथ अमूल के आंतरिक क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को भी पूरा करता है।"
अमूल ने यह भी बताया कि मस्ती दही ISO प्रमाणित डेयरियों में बनाया जाता है और उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले 50 से ज्यादा 'कड़े' क्वालिटी टेस्ट से गुजरता है। उत्पाद FSSAI के सभी प्रक्रियाओं के साथ-साथ अमूल के अपने क्वालिटी टेस्टिंग सिस्टम को भी पास करता है।
वीडियो में ये भी दावा किया गया था कि पाउच वर्जन में कप वर्जन की तुलना में हाइजीन या हैंडलिंग खराब हो सकती है। इस पर अमूल ने साफ किया कि अमूल मस्ती दही के पाउच और कप दोनों वैरिएंट एक ही प्रोसेसिंग और हाइजीन स्टेप्स से गुजरते हैं। पैकेजिंग में अंतर सिर्फ ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने के लिए है।
Updated on:
6 Jan 2026, 10:43 AM IST
Published on:
6 Jan 2026, 10:40 AM IST
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