
Patanjali Atta Noodles
विवादों के बाद भी योगगुरु रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद ब्रांड का सिक्का जमता जा रहा है। इससे उत्साहित पतंजलि अपने मार्केट का और विस्तार करना चाहता है। इसके लिए सालभर में वह 1,000 करोड़ रुपए जुटाना चाहता है।
इसके लिए निजी क्षेत्र के दो सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक सामने आए हैं। दोनों बैंकों ने पतंजलि आयुर्वेद को कर्ज देने का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव ऐसे समय में दिया गया है, जबकि ज्यादातर बैंक किसी भी कंपनी को कर्ज देने से कतरा रहे हैं।
खासकर एसबीआई समेत 17 बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए का लोन चुकाए बिना कारोबारी विजय माल्या के विदेश भाग जाने पर बैंक और सतर्क हो गए हैं। पतंजलि के मैनेजिंग डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि उनकी कंपनी समय पर लोन का रिपेमेंट कर देती है, इसीलिए बैंक उन्हें कर्ज देने से कतराते नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि पतंजलि आयुर्वेद का मुकाबला यूनिलीवर, नेस्ले, आईटीसी जैसी एफएमसीजी कंपनियों से है। पतंजलि 2016-17 तक प्रतिदिन उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 2,000 टन करना चाहती है। वैसे, खाद्य पदार्थ बनाने वाली कई कंपनियां मार्केट में तेजी से पहचान बना रहे उनके ब्रांड के साथ काम करने की इच्छा जता चुकी हैं।
सरकारी बैंकों ने भी जताया भरोसा
फिलहाल कई बैंक भी रामदेव के ब्रांड को सफल बनाने में मदद कर रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक पतंजलि आयुर्वेद के लोन लेने की सीमा पहले ही बढ़ा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2015-16 में जनवरी महीने तक पतंजलि आयुर्वेद का टर्नओवर 3,267 करोड़ रुपये था। जबकि वित्तीय वर्ष 2014-15 में उसकी सेल्स महज 1,588 करोड़ रुपए रही थी।
बेबी फूड लॉन्च करने की तैयारी
हर्बल और आयुर्वेदिक समेत कई उत्पाद तैयार करने वाली पतंजलि आयुर्वेद जल्द ही बेबी फूड लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा वह महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पंजाब, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मैन्युफैक्चिरिंग यूनिट लगाना चाहती है।
पतंजलि आयुर्वेद के एमडी आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि जो भी बैंक हमें सस्ता लोन ऑफर करेगा, हम उसके साथ जुडऩा चाहेंगे। कई बैंक अपने प्रस्ताव लेकर हमारे पास आ रहे हैं। हम सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
Published on:
05 Apr 2016 02:10 am
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