
बीआर शेट्टी को एक गलती बहुत भारी पड़ गई। (PC: AI)
BR Shetty business empire: एक समय था बीआर शेट्टी का नाम कारोबार की दुनिया में सफलता की मिसाल माना जाता था। हेल्थकेयर से लेकर फाइनेंस तक फैला उनका साम्राज्य 12,000 करोड़ रुपए से अधिक का था। यह साम्राज्य कुछ ही महीनों में यह इस तरह ढहा कि उनकी कंपनी सिर्फ 74 रुपए में बिकी। यह कोई कहानी या फिल्म का क्लाइमेक्स नहीं, कॉरपोरेट जगत की वह हकीकत है जिसमें 53 साल की मेहनत से खड़ा बिजनेस एंपायर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। कर्ज, वित्तीय धोखाधड़ी के खुलासे ने शेट्टी को अर्श से फर्श पर पटक दिया।
दिसंबर 2019 में अमरीकी शॉर्ट-सेलिंग मड्डी वाटर्स की एक रिपोर्ट ने बीआर शेट्टी के पूरे साम्राज्य की नींव हिला दी। आरोप लगा कि शेट्टी की कंपनी एनएमसी हेल्थ ने कर्ज को छिपाया और नकदी बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई। जांच में पता चला कि कंपनी पर 4 अरब डॉलर का ऐसा कर्ज था, जिसकी जानकारी निवेशकों को नहीं दी थी। फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद शेट्टी को इस्तीफा देना पड़ा। जांच में फर्जी दस्तावेज और कमजोर कॉरपोरेट गवर्नेस सामने आए। 2020 में एनएमसी हेल्थ को प्रशासनिक नियंत्रण में डाल दिया गया। 80 बैंकों को भारी नुकसान हुआ। दिवाला प्रक्रिया में नए खरीदार ने इसे सिर्फ 74 रुपए में खरीदा।
अक्टूबर 2025 में दुबई की एक अदालत ने बीआर शेट्टी को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 4.6 करोड़ डॉलर चुकाने का आदेश दिया है। यह पैसा उन्होंने पर्सनल गारंटी के तौर पर लिया था। आज उनकी संपत्तियां फ्रीज हैं और वे कई देशों में कानूनी कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। एनएमसी हेल्थ नए मालिकों के तहत काम कर रही है, जबकि शेट्टी कानूनी लड़ाइयों में उलझे हुए हैं। यह मामला नए दौर के उद्यमियों के लिए कॉर्पोरेट गवर्नेस की विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। बीआर शेट्टी एक समय यूएई के सबसे अमीर भारतीयों में शामिल थे। उनका नेटवर्थ 4 अरब डॉलर था। उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री से भी नवाजा था।
कर्नाटक के उडुपी में जन्मे बीआर शेट्टी शेट्टी घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वे 1973 में यूएई गए। वे मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव बने। 1975 में पत्नी डॉ चंद्रकुमारी शेट्टी के साथ मिलकर न्यू मेडिकल सेंटर (एनएससी) नाम से एक छोटा क्लीनिक खोला । धीरे-धीरे यह क्लीनिक दुनिया के कई देशों में फैल गया और एक बड़े हॉस्पिटल चेन के रूप में तब्दील हो गया। 2012 में यह 10 अरब डॉलर की हेल्थकेयर कंपनी बन गया। शेट्टी ने 1980 में यूएई एक्सचेंज शुरू किया, जिससे प्रवासी कामगारों के लिए पैसे भेजना आसान हुआ। 2003 में नियोफार्मा व 2014 में ट्रैवलैक्स के अधिग्रहण किया।
Published on:
09 Apr 2026 11:10 am
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