
TCS Lucknow
लखनऊ. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक राजेश गोपीनाथन आज प्रदेश के मुख्यमंत्री यो्रगी आदित्यनाथ से शाम को मुलाकात करेंगे। बताया जाता है कि इस महत्वूपर्ण बैठक में तय हो जाएगा कि लखनऊ में टाटा ग्रुप की यह बड़ी कंपनी रहेगी या चली जाएगी। मालूम हो कि टीसीएस को लखनऊ में रोकने की प्रदेश सरकार की कोशिश के मद्देनजर दोनों के बीच होने वाली मुलाकात को अहम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि पिछले महीने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने अपने लखनऊ कार्यालय के टीम लीडर्स को अपने-अपने प्रोजेक्ट जल्द-जल्द खत्म कर स्टाफ के सदस्यों को नोएडा और देश के अन्य राज्यों में कंपनी के दूसरे कार्यालय में रिपोर्ट करने के लिए कहा था। इस आदेश के बाद से ही लखनऊ कार्यालय का पूरा स्टाफ इसका विरोध कर रहा है। कंपनी के कर्मचारियों ने इसको लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि किसी कीमत पर कंपनी को लखनऊ से नहीं जाने दिया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सिलसिले में टीसीएस के सीईओ राजेश गोपीनाथन को बातचीत के लिए न्यौता भेजा था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि प्रदेश सरकार की यह कोशिश रहेगी कि किसी कीमत पर टीसीएस लखनऊ से न जाए। इसके बाद ही आज की बैठक तय हुई थी।
2000 आईटी पेशेवर हैं लखनऊ में
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) प्रबंधन के इस फैसले से कंपनी में कार्यरत करीब २००० आईटी पेशवरों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। उनका कहना है कि उनके पास सिर्फ दो ऑप्शन हैं। पहला तो वह बाहर कंपनी के दूसरे दफ्तर में ज्वाइन करें या फिर नौकरी छोड़ दें। कंपनी के कर्मचारियों ने कहा था कि यदि कंपनी लखनऊ से शिफ्ट होती है तो उन सभी को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। इसी बात को लेकर कंपनी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की थी।
Published on:
11 Aug 2017 05:50 pm
बड़ी खबरें
View Allउत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
