
Gold Price Today: 8 फरवरी 2025 वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, व्यापार युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती और भारतीय रुपये की कमजोरी जैसे कारकों के चलते सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल (Gold Price Hike) देखने को मिल रहा है। बीते छह हफ्तों में सोने (Gold Price) की कीमत ₹8,350 प्रति 10 ग्राम से अधिक बढ़ चुकी है, जो निवेशकों के लिए एक नया अवसर लेकर आई है।
एमसीएक्स (MCX) पर सोने की कीमत ₹84,900 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुई, जबकि इससे पहले यह ₹85,279 के नए शिखर पर पहुंच चुकी थी। इस सप्ताह सोने ने ₹2,500 प्रति 10 ग्राम से अधिक की बढ़त दर्ज की, जबकि पिछले छह हफ्तों में यह करीब 10.90% बढ़ चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों (Gold Price) में लगातार छह हफ्तों से तेजी बनी हुई है (Gold Price Hike) और यह हाजिर बाजार में $2,886 प्रति औंस यानी (दो लाख बावन हजार रुपये) तक पहुंच चुका है।
1. अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितता और व्यापार युद्ध: एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी एंड करेंसी प्रमुख अनुज गुप्ता के अनुसार, ‘‘सोने की कीमतों (Gold Price) में तेजी दिसंबर 2024 के अंतिम सप्ताह से ही जारी है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की अटकलों और डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के प्रभाव के कारण निवेशकों ने सोने में निवेश (Gold Price Hike) बढ़ा दिया है। ट्रंप प्रशासन द्वारा चीन पर 10% आयात शुल्क लगाने और मेक्सिको एवं कनाडा पर 25% शुल्क की धमकी देने से वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ गया है। इन देशों का अमेरिका के कुल व्यापार में 40% योगदान है, जिससे अनिश्चितता बढ़ गई है। चीन ने भी जवाबी कदम उठाए हैं, जिससे व्यापार युद्ध के गहराने की आशंका है और इसका सीधा फायदा सोने की कीमतों को मिल रहा है।
2. भू-राजनीतिक तनाव और मध्य पूर्व संकट: एसएस वेल्थस्ट्रीट की संस्थापक सुगंधा सचदेवा के अनुसार, ‘‘डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा पट्टी को लेकर दिए गए बयानों से मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। इस कारण निवेशकों ने सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में अपनाना शुरू कर दिया है, जिससे कीमतों में उछाल आया है।
3. वैश्विक केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर कटौती: पिछले छह महीनों में कई प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की है, जिससे सोने की मांग में इजाफा हुआ है –
इस कदम से सोने की कीमतों (Gold Price) को समर्थन मिला है, क्योंकि निवेशक कम ब्याज दरों के माहौल में सोने को एक बेहतर विकल्प मानते हैं।
4. ग्लोबल सोने की मांग में बढ़ोतरी: वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (Gold Price Hike) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में वैश्विक सोने की मांग 1% बढ़कर 4,974.5 मीट्रिक टन हो गई, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। यह वृद्धि मुख्य रूप से निवेश मांग और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी के कारण हुई है।
अमेरिका में जनवरी 2025 में केवल 1,43,000 नई नौकरियां जुड़ीं, जबकि बाजार को 1,69,000 नौकरियों की उम्मीद थी। इसके चलते अमेरिका में बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) गिरकर 4% पर आ गई, जो मई 2024 के बाद का सबसे निचला स्तर है। कमजोर नौकरियों के आंकड़े अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता बढ़ा रहे हैं और इस कारण सोने की मांग बढ़ रही है।
सोने की कीमतों (Gold Price Hike) में हालिया ₹8,350 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, अमेरिकी बेरोजगारी दर में गिरावट, व्यापार युद्ध और केंद्रीय बैंकों की नीतियों के कारण सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि क्या यह निवेश का सही समय है?
(i) बढ़ती कीमतों का रुझान: पिछले छह हफ्तों में सोने की कीमतें 10.90% बढ़ी हैं, और विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी अभी बनी रह सकती है। लंबी अवधि में सोने की कीमतें ₹90,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने का अनुमान है।
(ii) सुरक्षित निवेश विकल्प: जब भी वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक सोने को एक "सेफ हेवन" (सुरक्षित निवेश विकल्प) मानते हैं। मौजूदा परिस्थितियों में डॉलर और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण सोने में निवेश करना कम जोखिम वाला विकल्प बन गया है।
(iii) ब्याज दरों में कटौती का प्रभाव: केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती के चलते निवेशकों का झुकाव सोने की ओर बढ़ रहा है। जब ब्याज दरें घटती हैं, तो बॉन्ड और फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे निवेश कम आकर्षक हो जाते हैं, जिससे सोने की मांग बढ़ती है।
(iv) मुद्रास्फीति (Inflation) से सुरक्षा: सोने को हमेशा मुद्रास्फीति के खिलाफ सुरक्षित निवेश माना गया है। अगर महंगाई बढ़ती है, तो मुद्रा की क्रय शक्ति घटती है, लेकिन सोने का मूल्य बना रहता है।
| निवेश विकल्प | बेहतर किसके लिए? | लाभ | जोखिम |
|---|---|---|---|
| फिजिकल गोल्ड | पारंपरिक निवेशक | गहनों में निवेश की सुविधा | स्टोरेज और सुरक्षा का खर्च |
| डिजिटल गोल्ड | छोटे निवेशक | तुरंत खरीद-बिक्री की सुविधा | लंबी अवधि में ब्याज नहीं मिलता |
| गोल्ड ETF | स्टॉक मार्केट निवेशक | शेयर बाजार में ट्रेडिंग सुविधा | स्टॉक मार्केट जोखिम |
| SGB | लंबी अवधि के निवेशक | ब्याज और टैक्स छूट | 8 साल की लॉक-इन अवधि |
| गोल्ड म्यूचुअल फंड | नियमित SIP निवेशक | प्रोफेशनल मैनेजमेंट | मैनेजमेंट फीस लागू |
Disclaimer: निवेश निर्णय लेने से पहले कृपया प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श करें, क्योंकि बाजार की स्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और व्यक्तिगत परिस्थितियां भिन्न हो सकती हैं। रुझान और सिफारिशें केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए हैं। यह राजस्थान पत्रिका की ओर से कोई निवेश सलाह नहीं है।
Updated on:
08 Feb 2025 11:07 am
Published on:
08 Feb 2025 10:58 am
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