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2016 खत्म होते-होते सोने की चमक हुई गायब, कीमतों में 40 फीसदी की आई गिरावट

वर्ष 2016 सोने में मजबूती के साथ शुरू हुआ। वर्ष के दौरान यह निवेशकों की पहली पसंद बना रहा, लेकिन साल समाप्त होते होते इसकी चमक अचानक गायब होने लगी और वैश्विक घटनाक्रमों को देखते हुए इसमें अगले साल का परिदृश्य भी धूमिल नजर आने लगा।

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Abhishek Pareek

Dec 30, 2016

वर्ष 2016 सोने में मजबूती के साथ शुरू हुआ। वर्ष के दौरान यह निवेशकों की पहली पसंद बना रहा, लेकिन साल समाप्त होते होते इसकी चमक अचानक गायब होने लगी और वैश्विक घटनाक्रमों को देखते हुए इसमें अगले साल का परिदृश्य भी धूमिल नजर आने लगा।




पिछले तीन साल कीमती धातुओं में निवेश करने वालों के लिए काफी चुनौती भरे रहे, लेकिन इस साल इसमें अच्छी शुरुआत रही। वर्ष के दौरान यह आकषर्क बना रहा, लेकिन साल समाप्त होते होते इसकी चमक गायब होने लगी जिसने सभी को हैरान कर दिया।




वर्ष के आखिरी दिनों में सोना पिछले साल के मुकाबले 10 फीसदी और चांदी करीब 18 फीसदी ऊंची रही। हालांकि नीचे गिरने से पहले इस साल सोना और चांदी में वार्षिक रिटर्न क्रमश: 26 फीसदी और 45 फीसदी रहा। नोटबंदी के बाद कीमती धातुओं की मांग घट गई और नई उंचाइयां छूने वाला वाला सोना आखिरी दो महीनों में 40 फीसदी लुढ़क गया।
सर्राफा कारोबारियों को नोटबंदी के बाद काफी परेशानी झेलनी पड़ी। आयकर विभाग के छापों से कई दिनों तक उन्होंने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। इससे पहले फरवरी में बजट पेश होने के बाद भी सर्राफा कारोबारियों ने एक महीने से अधिक दिनों तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। बजट में स्वर्णाभूषणों के विनिर्माण पर 1 फीसदी उत्पाद शुल्क लगाए जाने का वह विरोध कर रहे थे।