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अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति का गोरखधंधा: मदरसों में चार सौ की जगह मिले चालीस बच्चे

अधिकारियों ने मदरसों में जाकर पकड़ा वजीफा का घालमेल

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Rajkumar Pal

Dec 25, 2016

madrasas

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मुरादाबाद। जनपद की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति से घोटाले का मामला सामने आ रहा है। जिसके बाद केंद्र सरकार से मिलने वाली इस योजना के तहत स्थानीय अधिकारियों से ऐसे स्कूल और मदरसों के सत्यापन को कहा गया है। जिसके बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने जिले के तीन मदरसों का निरीक्षण किया। जिसमें एक बंद मिला, जबकि दो में तय संख्या के मुकाबले दस प्रतिशत ही बच्चे मिले।


जिसके बाद विभाग के कान खड़े हो गए और दोनों मदरसा संचालकों को नोटिस देकर जवाब देने को कहा गया है। क्योंकि ऑनलाइन इन लोगों ने इससे कई गुना छात्रों की सूची विभाग को सौंपी थी। दरअसल केंद्र सरकार द्वारा मदरसा छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाती है। वैसे पिछले कुछ सालों में कई तरह की गड़बड़ियां पाई गई थी। जिसके बाद अब साड़ी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया।

वहीं कुछ मदरसा संचालक अभी भी बाज नहीं आ रहे। अगवानपुर के जिन मदरसों का निरिक्षण अल्पसंख्यक अधिकारी विजय मिश्रा ने किया। उनमें छात्रों की संख्या चार सौ से अधिक दिखाई गई थी। जबकि इनमें एक तो मौके पर बंद मिला, जबकि वहीं अन्य दो में तीस से चालीस बच्चे भी पाए गए। जिसके बाद संदेह को देखते हुए सभी मदरसा संचालकों को नोटिस जारी किया गया है।


यहां बता दें कि पिछले वर्ष कई मदरसों में छात्रवृत्ति घोटाले हुए थे। जिनमें अधिकारियों और कर्मचारियों कि मिलीभगत से फर्जी साइन कर करोड़ों रुपए का गबन किया गया था। अब ऐसा दोबारा ना हो इसलिए विभाग से पहले सत्यापन करने को कहा गया है। जिसमें पहले पायदान पर ही गड़बड़ी मिल गयी। अब देखना ये होगा कि अधिकारी इस तरह के गोरखधंधों पर कैसे लगाम कसते हैं।