
भारत में ही बनाए जाएंगे 96 राफेल विमान (इमेज सोर्स: AI जनरेटेड)
Rafale Fighter Jet Update: भारतीय वायुसेना और नौसेना की ताकत में इजाफा करने के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने गुरुवार को 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी। इन पर 3.25 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। खास बात है कि इनमें से 96 राफेल का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। इसके साथ ही छह पी-81 समुद्री गश्ती विमान, कॉम्बैट मिसाइल, एयर-शिप बेस्ड हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट्स के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। इन सभी सौदों की कीमत 3.60 लाख करोड़ रुपए बताई जाती है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। यह मंजूरी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की 17 से 20 फरवरी के तीन दिवसीय भारत यात्रा से पहले दी गई है। हालांकि रक्षा अधिग्रहण परिषद की मंजूरी के बाद इस सौदे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से भी मंजूरी लेनी होगी।
इस प्रस्ताव के अनुसार, भारत दसॉल्ट एविएशन से 18 राफेल सीधे खरीदेगा। बाकी 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। इनमें से 26 विमान दो सीट वाले होंगे, जिनका उपयोग ट्रेनिंग देने के लिए किया जाएगा। भारत में विमान बनाने के दौरान 60 प्रतिशत तक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। डील में आधुनिक तकनीक भारत को देने और 'मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने की बात भी शामिल है। गौरतलब है कि दसॉल्ट एविएशन भारत की निजी कंपनियों के साथ मिलकर निर्माण, असेंबली और रखरखाव का काम कर सकती है। इससे देश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
यह भारत का सबसे बड़ा लड़ाकू विमान सौदा होगा। फिलहाल वायुसेना के पास करीब 29 फाइटर स्क्वाड्रन हैं, जबकि जरूरत 42 स्क्वाड्रन की है। ऐसे में सीमाओं पर बढ़ते खतरों को देखते हुए यह खरीद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राफेल विमानों का इस्तेमाल भारत ने पिछले साल मई में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर’ में किया था, जिसमें पाकिस्तान के ठिकानों पर सटीक हमले किए गए थे। इन विमानों में स्कैल्प (एससीएएलपी) मिसाइलें लगी हुईं है, जो 250 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक बहुत सटीक हमला कर सकती है। इसके अलावा यह विमान हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल मेटियोर, हैमर, स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और आधुनिक रडार से भी लैस है। नए विमानों में भारत की स्वदेशी मिसाइल और अन्य सामग्री लगाए जाने की भी योजना है।
Updated on:
13 Feb 2026 11:30 pm
Published on:
13 Feb 2026 11:30 pm
