
सोना-चांदी फिर महंगे हो गए हैं।(PC: Ai)
Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली है। सोना जहां डेढ़ लाख प्रति 10 ग्राम की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, चांदी तीन लाख का आंकड़ा छूने को बेताब दिखाई दे रही है। गोल्ड-सिल्वर की कीमतों में आगे भी तेजी बनी रहने की उम्मीद है। कमोडिटी एक्स्पोर्टस का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मची उथल-पुथल, डोनाल्ड ट्रंप और फेड रिजर्व चीफ के बीच बढ़ता विवाद सोने-चांदी को फिलहाल मजबूती प्रदान करता रहेगा।
एमसीएक्स एक्सचेंज पर 13 जनवरी की सुबह सोना 1,42,075 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर मिल रहा है। इसमें पिछले सत्र के मुकाबले बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इसी तरह, चांदी 2,70,901 रुपए प्रति किलो के दाम पर उपलब्ध है। सिल्वर भी पिछले सत्र की तुलना में उछाल के साथ खुली है। गोल्ड और सिल्वर दोनों ही बड़ी उछाल की क्षमता रखते हैं। पिछले साल दोनों धातुओं ने शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में गोल्ड के डेढ़ लाख और सिल्वर के तीन लाख का आंकड़ा अगले कुछ दिनों में पूरा करने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चांदी 85 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई है और सोना 4,596.7 डॉलर प्रति औंस के भाव पर मौजूद है। दोनों ही पिछले अनुमान के मुकाबले काफी तेजी से भाग रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेड रिजर्व चीफ जेरोम पॉवेल के बीच विवाद (Donald Trump & Jerome Powell Tension) काफी बढ़ गया है। पॉवेल ने खुलासा किया है कि उनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की गई है। उन्होंने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि आपराधिक जांच इस वजह से शुरू की गई है, क्योंकि फेड रिजर्व ने ब्याज दरें तय करते समय राष्ट्रपति की प्राथमिकताओं को मानने के बजाए आम जनता की भलाई को पहले देखा। उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने उनके खिलाफ जिस तरह से कदम उठाया है, उससे स्पष्ट होता है कि सब कुछ दबाव में किया जा रहा है। एक्स्पर्ट्स का मानना है कि अमेरिका के इस विवाद का असर डॉलर को कमजोर कर सकता है और सोने-चांदी में निवेश को बढ़ावा दे सकता है, जिससे इन धातुओं के दाम बढ़ सकते हैं।
जूलियस बेयर ग्रुप लिमिटेड के कार्स्टन मेनके का मानना है कि ट्रंप-फेड विवाद से गोल्ड-सिल्वर की कीमतों में उछाल संभव है। एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, कार्स्टन मेनके ने कहा कि हम 2026 में कीमती धातुओं के लिए फेड-ट्रंप विवाद को एक प्रमुख बुलिश वाइल्डकार्ड के रूप में देखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि चांदी का बाजार, जो आकार में छोटा है, डॉलर में होने वाले बदलावों के प्रति अधिक संवेदनशील है। इसलिए उसके ऐसी चिंताओं पर अधिक मजबूती से प्रतिक्रिया देने की संभावना है। वहीं, ब्लूमबर्ग के स्ट्रैटेजिस्ट का कहना है कि सोना ऐतिहासिक ऊंचाई पर है। राजनीतिक, मौद्रिक और भू-राजनीतिक जोखिमों से इसमें रैली दिखाई दे रही है, जो सुरक्षित एसेट की मांग को बढ़ा रहे हैं। इस माहौल को देखते हुए जल्द ही सोने के 5,000 डॉलर प्रति औंस पहुंचने की संभावना है।
Updated on:
13 Jan 2026 10:26 am
Published on:
13 Jan 2026 10:21 am

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