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Good News : सुकन्या समृद्धि योजना, NSC, पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट स्कीमों की सरकार ने बढ़ाई ब्याज दरें

Saving Scheme Rate Hike खुशखबर। 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष 2023-24 शुरू होने जा रहा है। छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा तोहफा दिया है। सुकन्या समृद्धि योजना, NSC, पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट स्कीमों की ब्याज दरें बढ़ी है।

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खुशखबर, सुकन्या समृद्धि योजना, NSC, पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट स्कीमों की ब्याज दरें बढ़ी

खुशखबर। छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा तोहफा दिया है। 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष 2023-24 शुरू होने जा रहा है। केंद्र सरकार के वित्त विभाग ने ने सुकन्या समृद्धि योजना से लेकर नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट, किसान विकास पत्र, पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं और सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में निवेश करने वालों की ब्याज दरें बढ़ा दी है। वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही अप्रैल से जून के लिए इन बचत योजनाओं के ब्याज दर में 10 से 70 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि पीपीएफ के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पीपीएफ ब्याज दर को 7.1 फीसदी पर बरकरार रखा है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि, 6 अप्रैल को एक बार फिर आरबीआई ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी करने जा रहा है। इससे पहले आरबीआई ने लगातार छठी बार फरवरी 2023 में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। इन योजनाओं को जनता में और लोकप्रिया करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाना जरुरी हो जाता है।

जानें किन योजनाओं में कितनी ब्याज दरों की वृद्धि हुई :-

1- सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम पर ब्याज दर 8 फीसद से बढ़ाकर 8.2 किया गया।
2- नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट पर ब्याज दर 7 से बढ़ाकर 7.7 पर्सेंट की गई।
3- सुकन्या समृद्धि योजना पर ब्याज दर को 7.6 से बढ़ाकर 8 पर्सेंट किया गया।
4- किसान विकास पत्र पर 7.2 (120 महीने) से बढ़ाकर 7.5 (115 महीने) किया गया है।

पीपीएफ में मिली निराशा

रिटायरमेंट प्लानिंग की पॉपुलर स्कीम के ब्याज दरों में सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया है। ये लगातार 12वीं तिमाही है। जब पीपीएफ के ब्याज दर नहीं बदले गए हैं। इस योजना पर अभी सरकार आपको 7.1 की ब्याज दर से रिटर्न दे रही है।

स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर ब्याज दरें कैसे तय होती हैं जानें

सरकार छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को हर तिमाही में संशोधित करती है। ब्याज दरें कितनी होंगी। ये इस बात पर निर्भर करता है कि सरकार को इन योजनाओं के समान मैच्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड्स पर कितना लाभ हुआ है। श्यामला गोपीनाथ कमिटी ने सिफारिश की थी कि, सरकार को बॉन्ड यील्ड से 25 से 100 बीपीएस ज्यादा होना चाहिए।

Updated on:
31 Mar 2023 07:00 pm
Published on:
31 Mar 2023 06:48 pm
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