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पर्सनल लोन लेना है तो जरूर पढ़ें ये फायदेमंद टिप्स

पर्सनल लोन लेना आपकी वेल्थ हेल्थ के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन फिर भी लेना पड़े तो कुछ बातें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है...

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Pritesh Gupta

Oct 16, 2016

Personal Loan

Personal Loan

पर्सनल लोन सबसे ज्यादा ब्याज दरों पर मिलने वाला सबसे असुरक्षित लोन है। ऐसे लोन के लिए आवेदन करते समय आपके पास मजबूत और भरोसेमंद क्रेडिट रेटिंग होना बहुत जरूरी है। हालांकि पर्सनल लोन लेना आपकी वेल्थ हेल्थ के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन फिर भी लेना पड़े तो कुछ बातें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

ज्यादा बैंकों में ना करें आवेदन

लोन के लिए आवेदन की प्रक्रिया में सबसे पहले जरूरी राशि तय करें, उसके बाद विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों एवं अन्य शर्तों के संबंध में रिसर्च करें। लोन के लिए एक साथ बहुत ज्यादा बैंकों में आवेदन ना करें इससे आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित होता है, जिससे आपको आगे बड़ा नुकसान होता है।

लोन अमाउंट में अहम ये बातें

लोन अमाउंट सीधे-सीधे आपकी इनकम पर निर्भर करता है। आपकी डिस्पोजेबल इनकम जितनी ज्यादा होगी आप उतने ही बड़े अमाउंट के पात्र होंगे। अक्सर वो बैंक आपको रेडीमेड पर्सनल लोन ऑफर करते हैं जिनके साथ क्रेडिट कार्ड या सेविंग अकाउंट के रूप में लेनदेन होता रहता है। लोन अमाउंट हमेशा उतना ही लें, जितना जरूरी हो। सुनिश्चित करें कि उधार लिया गए पैसे सही उपयोग हो पा रहा है या नहीं। अनावश्यक खर्चों के लिए पर्सनल लोन ना लें।

...ऐसे कम होगी ब्याज दर

पर्सनल लोन के लिए सभी बैंकों के अपने-अपने नियम हैं। लेकिन कुछ बातें सभी बैंकों में बराबर महत्व रखती है, जिनमें लोन चुकाने की क्षमता, उम्र, वर्क प्रोफाइल, वर्क प्लेस आदि महत्वपूर्ण है। पर्सनल पर इन दिनों विभिन्न भारतीय बैंकों की ब्याज दरें 11.15 फीसदी के बीच चल रही है। क्रेडिट स्कोर जितना अच्छा होगा, ब्याज दरों में उतना ही अच्छा फायदा मिलने की संभावना होती है। 750 से ज्यादा सिबिल स्कोर हमेशा अच्छा माना जाता है। पर्सनल लोन के लिए उस बैंक से संपर्क करना ज्यादा फायदेमंद होगा जिनके साथ आप लंबे समय से लेन-देन कर रहे हों।

ईएमआई कैपेसिटी से तय करें पीरियड

आमतौर पर पर्सनल लोन 12 से 60 महीनों तक के लिए होते हैं। जितनी लंबी अवधि होगी, ब्याज दरें उतनी ही ज्यादा रहने की संभावना होगी। हालांकि लंबी अवधि के दौरान आप छोटी-छोटी ईएमआई के रूप में लोन चुकाने का विकल्प चुन सकते हैं। अपनी ईएमआई भुगतान की कैपेसिटी तय करें और फिर उस हिसाब से जितना लोन पीरियड सेट करें। लोन पीरियड जितना छोटा होगा आपकी जेब के लिए उतना ही बेहतर रहेगा।

फीस और अन्य शुल्क

लोन पर ब्याज के अलावा बैंक कई अन्य शुल्क भी वसूलते हैं। इनमें डॉक्यूमेंटेशन, प्रोसेसिंग और प्री-क्लोसिंग फीस शामिल हैं। प्रोसेसिंग फीस और प्री क्लोजिंग फीस अधिकांशतः पूरे लोन अमाउंट की 2 से 3 फीसदी के बीच होती है। यदि आप अच्छे से डील करते हैं तो इनमें कुछ छूट हासिल कर सकते हैं। यह जरूर देखें कि आपके प्लान में बिना किसी लागत पर मूलधन तय करने का विकल्प है या नहीं। कुछ बैंक लोन पीरियड शुरू होने से पहले लोन अमाउंट तय करने के लिए भी शुल्क लेते हैं। आपको ऐसे बैंकों से लोन लेने से बचना चाहिए।