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Airlines Market: खाड़ी की एयरलाइंस धराशायी, Lufthansa और British Airways ने लपका मौका, पर राह आसान नहीं

Airlines Market: ईरान युद्ध से खाड़ी की एयरलाइंस बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। Lufthansa, British Airways और US एयरलाइंस भारत, एशिया रूट पर उड़ानें बढ़ा रही हैं।

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भारत

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Pawan Jayaswal

Apr 04, 2026

Airlines Market

एयरलाइन मार्केट बदल रहा है। (PC: AI)

Emirates, Qatar Airways और Etihad ने सालों में जो साम्राज्य खड़ा किया था, ईरान युद्ध ने उसे रातोरात हिला दिया। दुबई और दोहा के चमचमाते हब के जरिए एशिया, अफ्रीका और यूरोप को जोड़ने वाला जो खेल चल रहा था वो अचानक बंद हो गया। हवाई क्षेत्र बंद, उड़ानें रद्द और खाड़ी की एयरलाइंस बेबस। इस मौके पर पश्चिमी एयरलाइंस दबे पांव आगे बढ़ने लगीं।

नए रूट्स पर शुरू कीं उड़ानें

Lufthansa, British Airways और Air France-KLM ने पिछले महीने भारत, थाईलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में नए रूट पर उड़ानें शुरू कर दी हैं। ब्लूमबर्ग ने Flightradar24 के आंकड़ों का विश्लेषण किया और पाया कि युद्ध से पहले और बाद के एक-एक महीने की तुलना में 21 बड़ी एयरलाइंस की उड़ानों में बड़ा बदलाव आया।

अमेरिकी एयरलाइंस को सबसे ज्यादा फायदा

अमेरिकी एयरलाइंस ने सबसे ज़्यादा फायदा उठाया। United Airlines और Delta Air Lines ने लंबी दूरी की चौड़े धड़ वाले विमानों की उड़ानें क्रमशः 11 और 12 फीसदी बढ़ाई हैं। Turkish Airlines ने भी अपनी भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाया और बाज़ार हिस्सेदारी बढ़ाई है। सबसे ज़्यादा नुकसान Qatar Airways को हुआ।

कम नही हैं दिक्कतें

लेकिन दिक्कतें कम नहीं हैं। पहली और सबसे बड़ी दिक्कत है जेट फ्यूल। युद्ध की वजह से तेल के दाम आसमान पर हैं। अमेरिकी एयरलाइंस ने हेजिंग नहीं की हुई, इसलिए वो ज़्यादा प्रभावित हैं। या तो किराया बढ़ाओ या नुकसान उठाओ।

दूसरी समस्या है विमानों का मेल न खाना। खाड़ी के छोटे रूट पर चलने वाला नैरो-बॉडी जेट एशिया की लंबी उड़ान के लिए सही नहीं होता। नए चौड़े विमानों की वेटिंग लिस्ट सालों लंबी है। नया रूट खोलने में महीनों लगते हैं। लैंडिंग स्लॉट, शेड्यूल, स्टाफ सब चाहिए।

तीसरी समस्या है आसमान का रास्ता। ईरान और इराक का हवाई क्षेत्र बंद है। अब विमानों को जॉर्जिया, अजरबैजान और मध्य एशिया के संकरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रूसी आसमान पहले से बंद था। अब यह नई उलझन है।

ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के विश्लेषक Conroy Gaynor कहते हैं कि एशिया से यूरोप के रूट पर हवाई क्षेत्र की उपलब्धता एक बड़ी समस्या है। एशियाई एयरलाइंस जो रूस के ऊपर से उड़ सकती हैं, वो कहीं ज़्यादा प्रतिस्पर्धी हैं।

शेयर भी पिट रहे हैं

Lufthansa का शेयर युद्ध शुरू होने के बाद से 17 फीसदी गिरा है। British Airways की मूल कंपनी IAG 13 फीसदी नीचे है और Air France-KLM तो 27 फीसदी टूट चुकी है। Morgan Stanley और UBS ने कई यूरोपीय एयरलाइंस के टार्गेट घटाए हैं।

सिंगापुर एयरलाइंस ने लंदन और मेलबोर्न में सेवाएं बढ़ाई हैं। Cathay Pacific Paris, Zurich और London के लिए ज़्यादा उड़ानें चला रही है। Air India ने भी नई सेवाएं शुरू की हैं।

जब खाड़ी वाले लौटेंगे तब क्या होगा?

Cirium के वरिष्ठ सलाहकार Richard Evans की बात सुनने वाली है। जैसे ही युद्ध खत्म होगा, Emirates और Qatar Airways बेहद सस्ते किराए लेकर वापस आएंगी। यात्रियों को वापस खींचने के लिए वो कुछ भी करेंगी। यानी यूरोपीय एयरलाइंस के पास शायद फायदा उठाने का बहुत कम समय है।