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दुनिया में बढ़ते युद्धों के बीच ग्लोबल शेयर मार्केट्स की तरफ है निवेशकों का झुकाव, जानिए पिछले 1 साल का रिटर्न

Global Share Market: भारतीय निवेशकों ने पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक बाजारों में जमकर निवेश किया है। यह निवेश कुछ वर्षों में ही 400 मिलियन से बढ़कर 1.6 अरब डॉलर हो गया है।

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भारत

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Pawan Jayaswal

Mar 11, 2026

Global Share Market

भारतीय निवेशक वैश्विक बाजारों में जमकर निवेश कर रहे हैं। (PC: AI)

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि केवल एक देश या बाजार पर निर्भर रहना कितना सुरक्षित है। ऐसे माहौल में विशेषज्ञ निवेशकों को घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक निवेश पर भी ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं। दरअसल अंतरराष्ट्रीय निवेश का मतलब भारत की विकास क्षमता
पर सवाल उठाना नहीं है, बल्कि वैश्विक बाजारों के इक्विटी रिटर्न जोखिम को संतुलित करना है।

भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में जरूर शामिल है, लेकिन वैश्विक बाजार पूंजीकरण में उसका हिस्सा अभी भी लगभग चार प्रतिशत के आसपास है। वहीं, दुनिया की शीर्ष कंपनियों का बड़ा हिस्सा अमरीका, यूरोप और अन्य विकसित अर्थव्यवस्थाओं में स्थित है। ऐसे में वैश्विक निवेश से निवेशकों को तकनीक, हेल्थकेयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक उपभोक्ता बाजार जैसे क्षेत्रों में भागीदारी का अवसर मिलता है।

भारतीय बाजारों से बेहतर ज्यादा रिटर्न

पिछले वर्षों के बाजार प्रदर्शन पर नजर डालें तो कई मौकों पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों ने भारतीय बाजार से बेहतर रिटर्न भी दिया है। वैश्विक तनाव के दौर में निवेश की रणनीति भी वैश्विक सोच के साथ बनानी होगी। घरेलू निवेश के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में संतुलित भागीदारी लंबे समय में बेहतर और स्थिर रिटर्न हासिल करने में भी मददगार साबित हो सकती है।

निवेशकों का बढ़ता ग्लोबल एक्सपोजर

  • भारतीय निवेशकों का अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेश कुछ वर्षों में ही 400 मिलियन से बढ़कर 1.6 अरब डॉलर हो गया है।
  • 145 से अधिक भारतीय शहरों के निवेशक विदेशी शेयर बाजारों और फंड में निवेश कर रहे हैं।
  • वैश्विक निवेश करने वालों में लगभग 46 फीसदी निवेशक 35 वर्ष से कम उम्र के हैं।
  • औसतन एक भारतीय ग्लोबल निवेशक के पोर्टफोलियो में 8-11 विदेशी शेयर या दो ईटीएफ होते हैं।