25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जानिए क्यों दो लोगों को अलग-अलग इंट्रेस्ट रेट पर बैंक देता है लोन?

जब आप लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो बैंक या एनबीएफसी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट को निकालते हैं। ज्यादा क्रेडिट स्कोर यानी कम ब्याज पर आपको होम, पर्सनल, कार या दूसरा लोन मिलेगा।

3 min read
Google source verification

भारत

image

Ashish Deep

Jun 03, 2025

लोन हमें क्रेडिट स्कोर के आधार पर मिलता है। बैंक साथ ही कस्टमर का प्रोफाइल भी देखते हैं।

Loan लेने वालों के लिए क्रेडिट स्कोर बहुत गंभीर क्राइटेरिया है। बैंक या नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों स्कोर के आधार पर ही लोन देती हैं। अगर क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो लोन मिलने में भी ज्यादा समस्या नहीं होती। लेकिन अगर क्रेडिट स्कोर कम है या एवरेज भी है, तो लोन मिल पाना संभव नहीं हो पाता। एक्सपर्ट बताते हैं कि बैंकों ने एक खेल और कर रखा है, वे ग्राहक की प्रोफाइल के आधार पर लोन देते हैं। जिसकी महीने में बंधी इनकम है, उन्हें बिजनेसमैन से कम ब्याज दर पर लोन मिलता है।

कैसे आंका जाता है क्रेडिट स्कोर

क्रेडिट स्कोर आंकने का काम कई स्तरों पर होता है। इसे कई ब्यूरो मिलकर या अलग-अलग करते हैं। देश में सबसे प्रमुख ब्यूरो CIBIL है, जो ट्रांसयूनियन का हिस्सा है। अन्य ब्यूरो में एक्सपेरियन, इक्विफैक्स और CRIF हाईमार्क शामिल है। 300 से 900 के बीच स्कोर रखा जाता है। क्रेडिट स्कोर के आधार पर ही लोन का ब्याज भी तय होता है।

कैसे सुधार सकते हैं अपना क्रेडिट स्कोर

1- क्रेडिट स्कोर सुधारने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि अपनी महीने की किस्त समय पर दें।
2- अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट को हर महीने खत्म न करें।
3- अपनी आय के मुकाबले कर्ज का अनुपात हमेशा कम रखें।
4- ज्यादा कर्ज लेने से हमेशा बचें।

कैसे क्रेडिट स्कोर पर तय होता है ब्याज

जब आप लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो बैंक या एनबीएफसी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट को निकालते हैं। 4 में से कोई एक ब्यूरो बैंक को सेवा को प्रदान करता है। ज्यादा क्रेडिट स्कोर यानी कम ब्याज पर आपको होम, पर्सनल, कार या दूसरा लोन मिलेगा।

कितने स्कोर पर मिलता है कम ब्याज का लोन

निवेश सलाहकार अमित निगम के मुताबिक जिन लोगों का स्कोर 800 से 825 के बीच या 900 तक होता है, उन्हें बेस्ट लोन डील ऑफर की जाती है। क्रेडिट स्कोर में 100 अंक का अंतर ब्याज दरों में 60 से 85 आधार अंक का फर्क डाल सकता है। मसलन अगर किसी व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर 825 से 839 के बीच है तो उसे बैंक ऑफ इंडिया से 7.9 फीसद पर होम लोन मिल सकता है। लेकिन अगर यह स्कोर 725 से 739 है तो 8.7 फीसद पर लोन मिलेगा।

कार लोन का कैलकुलेशन

एसबीआई 3 से 5 साल का कार लोन दे रहा है। उसकी ब्याज दर 9.2 फीसद है। लेकिन इस रेट पर तब मिलेगा, जब क्रेडिट स्कोर 800 या उससे ऊपर होगा। अगर स्कोर 650 से 699 है तो कार लोन की ब्याज दर 10.05 फीसद हो जाएगी। अगर कोई 15 लाख कार लोन लेता है 10 फीसद ब्याज पर तो उसे 5 साल में 19.12 लाख रुपये चुकाने होंगे। लेकिन अगर यही लोन 8.5 फीसद ब्याज पर मिले तो सिर्फ 18.46 लाख चुकाने होंगे।

बिजनेस मैन के लिए क्या

बिजनेस मैन को सैलरी क्लास से ज्यादा ब्याज देना पड़ता है। चाहे भले ही क्रेडिट स्कोर समान हो। बैंक या एनबीएफसी प्रोफाइल के हिसाब से भी लोन की दर तय करते हैं। सैलरी क्लास और बिजनेस मैन दोनों का क्रेडिट स्कोर समान होगा तो भी अलग-अलग ब्याज दरों पर लोन मिलेगा।

5 करोड़ तक के होम लोन पर

निगम के मुताबिक अगर कोई सैलरी पाने वाला 5 करोड़ रुपये का होम लोन एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस से लेता है तो उसे यह 8 फीसद ब्याज दर पर मिलेगा। लेकिन अगर कोई बिजनेसमैन यह लोन लेता है तो ब्याज दर 8.25 फीसद होगी। चाहे दोनों का क्रेडिट स्कोर 800 ही क्यों न हो। यहां बैंक महीने की बंधी कमाई के आधार पर फैसला करते हैं।

महिलाओं को कम ब्याज पर लोन

बैंक महिला कस्टमर को 5 से 10 आधार अंक कम ब्याज पर लोन ऑफर करते हैं। वहीं उनके पति लोन लें तो ज्यादा ब्याज पर मिलेगा। भले ही दोनों का क्रेडिट स्कोर एकसमान क्यों न हो।