
नई दिल्ली। स्टील के आयात पर कई तरह की बंदिशे, स्टील इम्पोर्ट पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी, बीआईएस नियम, और जीएसटी की वजह से बीते कुछ महीनों से स्टील सेक्टर मुश्किलों से घिरता जा रहा है। जिस कारण 3 महीने में कीमतों में 20 से 35 फीसदी तक का इजाफा देखने को मिला है। इसी कारण घरेलू कंपनियों की ओर से स्टील शीट के दाम बढ़ाए गए हैं। बर्तन निर्माताओं की लागत बढ़ने का असर त्योहारों पर भी दिख सकता है। स्टील के शीट और बर्तन निर्माताओं की वैल्यू चेन कीमतों 20 से 25 फीसदी तक बढ़ गई है। जबकि होलसेल बिक्री की बात करें तो इसमें भी जीएसटी के बाद इसमें कमी आई है। स्टील के गिफ्ट्स जैसे सामानों पर जीएसटी लगने से कीमतें प्रभावित हुई है और ये 30 से 35 फीसदी तक बढ़ गई हैं। बर्तन निर्माता संघ के मुताबिक अप्रैल के बाद से कीमतें बढ़ने का सिलसिला जारी है। जिसके चलते कारोबारियों और निर्यातकों को कच्चे माल की दिक्कत का भी सामना करना पड़ रहा है। इस कारण इस धनतेरस आपको स्टील के बर्तन मंहगे मिल सकते हैं।
10,000 रुपए प्रति मीट्रिक टन का इजाफा
स्टील प्लेट और स्टील शीट बनाने वाले मैन्युफैक्चरर पिछले साल जो शीट और प्लेट 30,000 रुपए प्रति मीट्रिक टन मिलते थे वो अब बढ़कर 40,000 रुपए प्रति मीट्रिक टन के पार चली गई हैं। गौरतलब है कि सरकार ने घरेलू स्टील निर्माताओं की मुश्किलों को देखते हुए पिछले महीने ही चीन, जापान और दक्षिण कोरिया से आयात होने वाले स्टील पर 18.95 फीसदी का इंपोर्ट ड्यूटी लगाया था। लेकिन एक महीने बीत जाने के बाद भी कारोबारियों की दिक्कतें कम नहीं हुई हैं।
जीएसटी ने बढ़ाई मुश्किलें
दिल्ली के स्टील कारोबारी बाबूलाल पारिख का कहना है कि जीएसटी के बाद हालत और खराब हो गई है। इसलिए इस बार त्योहारों से ही उम्मीद है। लेकिन जिस तरह से कीमतें बढ़ी है उससे नहीं लग रहा कि इसबार ज्यादा दुकानदारी होगी।
Published on:
05 Oct 2017 11:39 am
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