
नई दिल्ली। अमूमन छोटे निवेशक, महिलाएं और युवा शेयर बाजार से दूर रहते आए हैं। लेकिन कोरोना वायरस संकट ने इस धारणा को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। ऐसा इसलिए कि महामारी के दौर में कंपनियों के आईपीओ से निवेशकों का जमकर मुनाफा हो रहा है। देश का प्रमुख शेयर बाजार एनएसई की ओर से गुरुवार को जारी ताजा बयान में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान चार महीनों से कम समय में 50 लाख से अधिक नए निवेशकों का रजिस्ट्रेशन कराया है।
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एनएसई ने एक बयान में कहा कि नए निवेशकों के रजिस्ट्रेशन में 2021-22 के पहले चार महीनों में सालाना आधार पर 2.5 गुना वृद्धि हुई है। अप्रैल-जुलाई 2019 के दौरान 8.5 लाख नए पंजीकरण हुए थे। अप्रैल-जुलाई 2020 में यह आंकड़ा 20 लाख तक पहुंचा था। चालू वित्त वर्ष में 25 जुलाई तक 51.3 लाख से अधिक हो गया।
36% निवेश नॉर्थ इंडिया से
एनएसई ने बताया है कि इन निवेशकों में 36 प्रतिशत उत्तरी राज्यों से हैं। पश्चिम भारतीय राज्यों से 30 प्रतिशत, दक्षिणी राज्यों से 22 प्रतिशत और शेष 12 प्रतिशत पूर्वी राज्यों से हैं। नए निवेशकों में 53 फीसदी शीर्ष पांच राज्यों से बाहर के हैं। एनएसई पर कुल पंजीकृत निवेशकों की संख्या 4.5 करोड़ से अधिक हो गई है।
निवेशकों की संख्या में बढ़ोतरी की ये है वजह
खास बात यह है कि बाजार का रुख पॉजिटिव होने की वजह से पिछले साल से ही घरेलू स्टॉक एक्सचेंजों में निवेशकों की संख्या में तेज वृद्धि हुई है। भारतीय स्टेट बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2020-21 में शेयर बाजारों में तेजी से बढ़ने के बाद 14 मिलियन से अधिक निवेशकों ने निवेश करना शुरू कर दिया। नए निवेशकों के आगे बढ़ने की संभावना है। शेयर बाजार लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। निवेशक कंपनी के मजबूत परिणामों, प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उठाए गए नीतिगत उपायों से उत्साहित हैं।
Updated on:
30 Jul 2021 10:36 pm
Published on:
30 Jul 2021 10:27 pm
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