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होम लोन लेते समय इन बातों पर जरूर दें ध्यान, हो सकता है भारी नुकसान

Tips for Home Loan: अगर आप भी होम लोन लेने का प्लान बना रहे हैं, तो इन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें।

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भारत

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Devika Chatraj

Jul 28, 2025

होम लोन लेते समय इन बातों पर ध्यान दें (File Photo)

घर खरीदना हर व्यक्ति का सपना होता है, और इस सपने को पूरा करने के लिए अक्सर लोग होम लोन का सहारा लेते हैं। लेकिन जल्दबाजी या जानकारी की कमी के कारण कई बार गलतियां हो जाती हैं, जो भारी नुकसान का कारण बन सकती हैं। अगर आप भी होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो इन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें ताकि आपका वित्तीय बोझ कम हो और लोन लेने का अनुभव सुगम रहे।

अपनी पात्रता जांचे

    होम लोन लेने से पहले अपनी पात्रता (Eligibility) का आकलन करें। यह आपकी आय, उम्र, रोजगार की स्थिरता, और मौजूदा वित्तीय दायित्वों पर निर्भर करता है। होम लोन कैलकुलेटर का उपयोग करके यह समझें कि आप कितना लोन ले सकते हैं और उसकी EMI (Equated Monthly Installment) कितनी होगी। जरूरत से ज्यादा लोन लेने से बचें, क्योंकि यह आपकी मासिक बचत को प्रभावित कर सकता है।

    ब्याज दरों की तुलना करें

      होम लोन की ब्याज दरें बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (NBFCs) के बीच अलग-अलग होती हैं। फिक्स्ड रेट लोन और फ्लोटिंग रेट लोन के बीच अंतर को समझें। फिक्स्ड रेट लोन में ब्याज दर पूरी अवधि के लिए स्थिर रहती है, जबकि फ्लोटिंग रेट लोन में यह बेंचमार्क दर के आधार पर बदल सकती है। कई बैंकों की ब्याज दरों और शर्तों की तुलना करें ताकि आपको सबसे किफायती विकल्प मिले।

      लोन की राशि और डाउन पेमेंट

        अधिकांश बैंक प्रॉपर्टी की कीमत का 75-90% तक लोन प्रदान करते हैं। बाकी राशि आपको डाउन पेमेंट के रूप में देनी होती है। उदाहरण के लिए, अगर प्रॉपर्टी की कीमत 50 लाख रुपये है, तो आपको 40 लाख तक का लोन मिल सकता है, बशर्ते आप पात्र हों। डाउन पेमेंट के लिए पहले से बचत करें, ताकि लोन की राशि कम रहे और ब्याज का बोझ घटे।

        होम लोन इंश्योरेंस जरूरी है

          होम लोन लेते समय लोन कवर टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदना न भूलें। यह इंश्योरेंस आपके परिवार को अप्रत्याशित परिस्थितियों, जैसे लोन लेने वाले की मृत्यु, में बकाया लोन की देनदारी से बचाता है। कई बैंक इसे अनिवार्य करते हैं, इसलिए सर्वश्रेष्ठ इंश्योरेंस विकल्प की खोज करें।

          को-एप्लीकेंट जोड़ने पर विचार करें

            अगर आपको अधिक लोन राशि की जरूरत है, तो को-एप्लीकेंट (जैसे पति/पत्नी) को शामिल करें। इससे आपकी पात्रता बढ़ सकती है, क्योंकि लेंडर को-एप्लीकेंट की आय को भी ध्यान में रखता है। हालांकि, को-एप्लीकेंट की क्रेडिट प्रोफाइल भी जांच की जाती है।

            लोन की अवधि और EMI का सलेक्शन

              लोन की अवधि जितनी लंबी होगी, EMI उतनी कम होगी, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा चुकाना पड़ेगा। छोटी अवधि चुनने से ब्याज कम लगेगा, लेकिन EMI ज्यादा होगी। अपनी मासिक आय और खर्चों को ध्यान में रखकर संतुलित अवधि चुनें।

              दस्तावेज और नियम-शर्तें जांचें

                होम लोन के लिए जरूरी दस्तावेज जैसे आय प्रमाण, पहचान पत्र, पता प्रमाण, और प्रॉपर्टी के कागजात पहले से तैयार रखें। साथ ही, लोन के नियम-शर्तों, प्रोसेसिंग फीस, और अन्य शुल्कों को ध्यान से पढ़ें। कुछ बैंक कम प्रोसेसिंग फीस और अतिरिक्त लाभ जैसे ओवरड्राफ्ट सुविधा प्रदान करते हैं।

                क्रेडिट स्कोर जरुरी

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                  आपका क्रेडिट स्कोर लोन की मंजूरी और ब्याज दर को प्रभावित करता है। 750 या उससे अधिक का क्रेडिट स्कोर आपको कम ब्याज दर पर लोन दिला सकता है। समय पर बिल भुगतान और पुराने कर्जों को चुकाकर क्रेडिट स्कोर बेहतर करें।

                  प्रॉपर्टी का मूल्यांकन

                    लोन देने से पहले बैंक प्रॉपर्टी का मूल्यांकन करता है। सुनिश्चित करें कि प्रॉपर्टी के कागजात वैध हों और उसका मूल्यांकन सही हो। अगर प्रॉपर्टी का मूल्य कम आंका गया, तो आपको कम लोन मिल सकता है।

                    पहले से बकाया लोन चुकाएं

                      अगर आपके पास पहले से कोई लोन (जैसे पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड ड्यू) बकाया है, तो उसे चुकाने की कोशिश करें। इससे आपका डेट-टू-इनकम रेशियो बेहतर होगा और लोन मंजूरी की संभावना बढ़ेगी।