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अमेरिका, चीन, जर्मनी सब छूटेंगे पीछे, भारत बनेगा दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, सिर्फ इतने साल की है बात

Indian Economy News: भारत अगले 20-30 साल में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। Carlyle Group के को-फाउंडर डेविड रुबेनस्टीन ने World Economic Forum में एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान यह बात कही है। रुबेनस्टीन ने कहा कि भारत कुछ ही दशकों में दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी बन सकता है। भारत इस […]

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भारत

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Pawan Jayaswal

Jan 22, 2026

Indian Economy News

भारत 2-3 दशक में दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी बन सकता है। (PC: AI)

Indian Economy News: भारत अगले 20-30 साल में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। Carlyle Group के को-फाउंडर डेविड रुबेनस्टीन ने World Economic Forum में एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान यह बात कही है। रुबेनस्टीन ने कहा कि भारत कुछ ही दशकों में दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी बन सकता है। भारत इस समय दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी है। भारत बड़े देशों में सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी है। जल्दी ही भारत की अर्थव्यवस्था जर्मनी को पीछे छोड़कर तीसरे नंबर पर पहुंच सकती है। इस समय अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। दूसरे स्थान पर चीन आता है।

भारतीय पॉलिसी मेकर्स से किया यह आग्रह

अमेरिका बेस्ड ग्रुप के को-फाउंडर ने भारतीय पॉलिसी मेकर्स से आग्रह किया कि वे ग्लोबल प्राइवेट क्रेडिट, प्राइवेट इक्विटी और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को गलत इन्वेस्टमेंट न समझें। ईटी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'प्राइवेट इक्विटी और प्राइवेट क्रेडिट मार्केट को पूरा मौका दिया जाएगा, तो भारतीय उद्यमी भी इस सेक्टर में आएंगे।' प्राइवेट इक्विटी का मतलब बड़ी कंपनियों का छोटी अनलिस्टेड कंपनियों में निवेश से है। वहीं, प्राइवेट क्रेडिट का मतलब है कि कंपनियां सीधे उद्योगों को कर्ज बांट सकती हैं। रुबेनस्टीन ने कहा कि ये निवेश के नए तरीके हैं। बता दें कि भारत में Carlyle Group ने अलग-अलग सेक्टर्स की कंपनियों में 8 अरब डॉलर से ज्यादा का इन्वेस्टमेंट कर रखा है।

AI से सबकुछ बदल जाएगा

रुबेनस्टीन ने कहा कि एआई की वजह से सब कुछ बदल जाएगा। उन्होंने कहा, 'मैं ठीक-ठीक यह अनुमान नहीं लगा सकता कि यह कैसे होगा। एआई एक ऐसी ही बड़ी घटना है, जैसी इंटरनेट के आने पर हुई थी, लेकिन याद रखिए, एआई अभी शायद पहले ही चरण में है और इसे अभी बहुत लंबा सफर तय करना है। हम यह नहीं बता सकते कि समय के साथ यह कैसे आगे बढ़ेगा। लेकिन इस वक्त यह साफ तौर पर चिंता पैदा कर रहा है। हालांकि, मुझे लगता है कि यह चिंता कुछ हद तक गलत जगह पर है।'

यूएस-इंडिया रिलेशन में चिंता की बात नहीं

रुबेनस्टीन ने कहा, 'यूएस और इंडिया के रिलेशंस को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ रिश्तों को लेकर काफी पॉजिटिव हैं। मुझे लगता है कि भारत 2-3 दशक में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।'