अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम जनवरी से निचले स्तर पर हैं। इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट 81 डॉलर से नीचे और अमेरिकी क्रूड 74 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। ऐसे में मई के बाद पहली बार पेट्रोल-डीजल के दाम घट सकते हैं। खास तौर पर ब्रेंट की कीमत में बड़ी गिरावट से भारतीय रिफाइनरी के लिए कच्चे तेल की औसत कीमत घटकर 82 डॉलर प्रति बैरल रह गई है। मार्च में ये 112.8 डॉलर थी। इस हिसाब से 8 महीने में रिफाइनिंग कंपनियों के लिए कच्चे तेल के दाम 31 डॉलर कम हो गए हैं। एसएमसी ग्लोबल के मुताबिक, क्रूड में 1 डॉलर गिरावट आने पर देश की तेल कंपनियों को रिफाइनिंग पर प्रति लीटर 45 पैसे की बचत होती है। इस हिसाब से पेट्रोल-डीजल के दाम 14 रुपए प्रति लीटर तक कम होने चाहिए। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक पूरी कटौती एक बार में नहीं होगी। अभी देश में पेट्रोल और डीजल की जो कीमतें हैं, उसके हिसाब से क्रूड ऑयल का इंडियन बास्केट करीब 85 डॉलर प्रति बैरल होना चाहिए। लेकिन ये 82 डॉलर के आसपास आ गया है। इस भाव पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को प्रति बैरल रिफाइनिंग पर करीब 245 रुपए की बचत होगी।