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Republic Day 2021: पॉजिटिव ग्रोथ वाला इकलौता सेक्टर बना कृषि, जानें डिटेल्स

Republic Day 2021: साल 2020 में कृषि एकमात्र सेक्टर था जिसमें पॉजिटिव ग्रोथ देखने को मिली । कृषि क्षेत्र में मौजूदा वित्त वर्ष 2020 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में 3.4 फीसदी की वृद्धि हुई।

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Deovrat Singh

Jan 25, 2021

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Republic Day 2021: कोरोना के कहर देश ही नहीं पूरी दुनिया प्रभावित हुई है। साल 2020 के अंदर सभी सेक्टर में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। लेकिन इन सभी के बीच कृषि एकमात्र ऐसा सेक्टर रहा है, जिसमें ग्रोथ दर्ज की गई है। डिजिटल प्लेटफार्म पर सभी को कुछ न कुछ करने और सिखने का मौका भी मिला। वर्क-फॉर्म-होम जैसी सुविधाएं भी शुरू हुई।

कृषि क्षेत्र में मिली पॉजिटिव ग्रोथ
कृषि क्षेत्र में मौजूदा वित्त वर्ष 2020 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में 3.4 फीसदी की वृद्धि हुई। बीते साल, 2019-20 की इसी तिमाही में कृषि सेक्टर में तीन फीसदी की वृद्धि हुई थी। यानी बीते सााल के मुकाबले कृषि में बेहतरी दिखी है। निर्माण क्षेत्र में जीवीए वृद्धि में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 50.3 फीसदी की गिरावट आई जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में 5.2 फीसदी की वृद्धि हुई थी। खनन क्षेत्र उत्पादन में 23.3 फीसदी की गिरावट आई जबकि एक साल पहले 2019-20 इसी तिमाही में 4.7 की वृद्धि हुई थी। बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगी सेवा क्षेत्र में भी 2020-21 की पहली तिमाही में 7 फीसदी गिरावट आई जबकि एक साल पहले 2019-20 की इसी तिमाही में 8.8 फीसदी की वृद्धि हुई थी।

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वैक्सीन आने के साथ ही सभी सेक्टर ने फिर से रफ़्तार पकड़ी है। बजट 2021 से सभी वर्ग के लोगों और सभी सेक्टर को ग्रोथ के लिए बहुत उम्मीदें हैं। सरकार द्वारा इस साल बजट में औद्योगिक क्षेत्र में सहायता के तौर पर अच्छे पैकेज की घोषणा भी की जा सकती है।

कोरोना महामारी के आने से शिक्षा का स्वरुप भी बदल गया। शिक्षा के लिए लॉकडाउन जैसी स्थति में विकल्प मौजूद होने लगे। ऑनलाइन एजुकेशन के लिए बहुत से मोबाइल ऐप विकसित हुए। ऑनलाइन ऑडियो -वीडियो क्लासेज का प्रचलन बढ़ गया। कंपनियों को भी वर्क -फ्रॉम-होम का विकल्प मिल गया। ज्यादातर कंपनियां तो वर्क-फ्रॉम-होम के पक्ष में आ गई।

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1. ऑटोमोबाइल
कोरोना वैक्सीन और आंकड़ों में कमी के बाद पर्सनल ट्रांसपोर्ट के लिए मांग बढ़ी है। बाजार खुलने लगे हैं, ऐसे में टू-व्‍हीलर, पैसेंजर कार इत्‍यादि के लिए डिमांड कोरोना से पहले के स्‍तर पर पहुंच गई है। ट्रैक्‍टर के लिए भी मांग मजबूत है।

2. बैंक
यह सेक्‍टर सकारात्‍मक रूप से चौंका सकता है। वैसे तो मोरेटोरियम फेसिलिटी लेने वाले अकाउंट्स से कुछ दबाव होगा. लेकिन, बैंकों की ओर से पहले ही पूंजी जुटा लेने और कोविड की प्रोविजनिंग के चलते असर उतना नहीं पड़ेगा। कम बेस के कारण कुल प्रॉफिट भी बढ़ सकता है।

3. एफएमसीजी
कोविड ने छोटे शहरों में भी पहुंच बनाई, जिसके चलते नौकरी जाना और सैलरी में कटौती ये अन्‍य ऐसे कारण रहे जिन्होंने प्रीमियम प्रोडक्‍टों के लिए मांग को घटा दिया। लेकिन अब वैक्सीन आने के बाद इस सेक्टर ने भी रफ़्तार पकड़ी है।

4. हेल्‍थकेयर

हेल्‍थकेयर सेगमेंट का निर्यात के मोर्चे पर अच्‍छा प्रदर्शन जारी है। अधिक मांग, नए प्रोडक्‍टों की लॉन्चिंग और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट इसकी मुख्‍य वजह है। हालांकि, कमजोर घरेलू मांग के चलते यह सालाना आधार पर केवल औसत ग्रोथ दर्ज कर सकता है।