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रोबोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज को खरीदेगी जापान की टेक्नोप्रो, 805 करोड़ में हुआ करार

  लीडिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्यूशंस कंपनी रोबोसॉफ्ट का पूरी तरह से टेक्नोप्रो में विलय दो चरणों में होगा। EBITDA द्वारा मार्च 2021 को तय कुल कीमत की पहली किश्त यानि 80% और मार्च 2022 को शेष दूसरी किश्त की अदायगी के साथ कंपनी के सभी शेयरों का स्थानांतरण के टेक्नोप्रो के पक्ष में हो जाएगा।

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Dhirendra Kumar Mishra

Aug 12, 2021

Robosoft Technologies

लीडिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्यूशंस कंपनी रोबोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज।

नई दिल्ली। जापान की कंपनी टेक्नोप्रो होल्डिंग्स, उडुपी ( कर्नाटक ) स्थित लीडिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्यूशंस कंपनी रोबोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज को खरीदने जा रही है। मंगलवार को टेक्नोप्रो होल्डिंग्स और रोबोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज के बीच इस डील को लेकर एक करार भी हुआ है। इसके साथ रोबोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज ने अपनी 100% हिस्सेदारी बेचने की घोषणा कर दी है।

प्रमोशन के साथ अपने पद पर बने रहेंगे सीईओ बोम्मिरेड्डीपल्ली

करार पर हस्ताक्षर के बाद रोबोसॉफ्ट की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कंपनी के सीईओ रवि तेजा बोम्मिरेड्डीपल्ली की देखरेख में वर्तमान प्रबंधन टीम आगे अपना काम जारी रखेगी। सीईओ बोम्मिरेड्डीपल्ली आने वाले दिनों में प्रमोशन के साथ प्रबंध निदेशक और सीईओ के रूप में काम जारी रखेंगे।

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कंपनी ने इस क्षेत्र में निभाई अहम भूमिका

रोबोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज प्रोडक्ट एडवाइजरी, डिजाइन, इंजीनियरिंग और एनालिटिक्स में एंड-टू-एंड समाधान के क्षेत्र में अपनी सेवा देती है। अब यह कंपनी डिजिटल प्लेटफॉर्म डेवलपमेंट में दो दशकों से अधिक के अनुभव के साथ डिजिटल दुनिया में जबरदस्त बदलाव की ओर तेजी से आगे बढ़ने के लिए तैयार है। रोबोसॉफ्ट ने ऑनलाइन उपभोक्ताओं के रुख को बदलने के साथ डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्यूशंस को जीवंत बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

805 करोड़ में डील पर बनी सहमति

टेक्नोप्रो होल्डिंग्स ने अपनी वेबसाइट पर इस बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि रोबोसॉफ्ट के अधिग्रहण की कुल लागत 805 करोड़ रुपए है। कंपनी की कुल लागत का मूल्यांकन बाहरी विशेषज्ञों की टीम द्वारा किया गया है। कंपनी की कीमत का मूल्यांकन EBITDA ( ब्याज, करों, मूल्यह्रास, और परिशोधन से पहले की कमाई ) एकाधिक विधि, शुद्ध नकद शेष व अन्य पहलुओं का व्यापक मूल्यांकन के आधार पर किया गया है। कंपनी का पूरी तरह से अधिग्रहण दो चरणों में होगा। EBITDA द्वारा मार्च 2021 को निर्धारित पहली किश्त यानि 80% कीमत और मार्च 2022 में EBITDA पर तय दूसरी किश्त की अदाएगी के साथ कंपनी के सभी शेयरों को स्थानांतरण टेक्नोप्रो में हो जाएगा।

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कंपनी की सफलता अभूतपूर्व

2013 में कंपनी की स्थापना रोहित भट ने की थी। उनके हवाले से कहा गया है कि रोबोसॉफ्ट ने पिछले दो दशकों के दौरान एक अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। इस दौरान कंपनी के कुल परिसंपत्ति में कई गुना वृद्धि हुई है। कंपनी ने एसेंट कैपिटल और कलारी कैपिटल के साथ साझेदारी के आधार पर एक मजबूत शुरुआत की। मुझे बहुत खुशी है कि हम कंपनी की बागडोर टेक्नोप्रो जैसे ग्लोबल प्लेयर के हाथों में सौंप रहे हैं।

रोबोसॉफ्ट का अधिग्रहण अहम पड़ाव

टेक्नोप्रो के अध्यक्ष, प्रतिनिधि निदेशक और सीईओ ताकेशी यागी ने कहा कि हमें डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन स्पेस की लीडिंग कंपनी रोबोसॉफ्ट में निवेश कर खुशी हो रही है। हम रोबोसॉफ्ट की सफलता, मजबूत नेतृत्व, उभरती प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता और गहन रूप से एकीकृत ग्राहक नेटवर्क को लेकर काफी उत्साहित हैं। हमें उम्मीद हैं कि कंपनी की मजबूत टीम के साथ और तेजी से आगे बढ़ेगी। वहीं कंपनी के सीईओ रवि तेजा बोम्मीरेड्डीपल्ली ने कहा है कि यह लेन-देन रोबोसॉफ्ट के लिए एक रणनीतिक विकास का प्रतीक है। ट्रेक्नोप्रो के हाथों अधिग्रहण को एक अहम अवसर मानते हैं और आगामी वर्षों को रोबोसॉफ्ट के कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। Robosoft पूरी तरह से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्यूशंस कंपनी है जिसका लक्ष्य इंसान के जीवन को आसान बनाना है।

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