
ट्रंड टैरिफ से अमरीका-चीन के बीच ट्रेड वॉर, ग्लोबल मंदी और वैश्विक महंगाई बढऩे की आशंका के बावजूद भारतीय शेयर बाजार (Share Market) के लिए यह सप्ताह पिछले 4 साल में सबसे शानदार रहा। सेंसेक्स-निफ्टी पिछले पांच दिन में 6.5% से अधिक चढ़े हैं, वहीं इस सप्ताह इन दोनों इंडेक्स में 4.5% से अधिक तेजी आई है, जबकि इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार केवल तीन दिन खुला। इस दौरान स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में भी करीब 4% की तेजी आई। इससे इस सप्ताह निवेशकों की संपत्ति 17 लाख करोड़ रुपए बढ़ी।
इसी के साथ सेंसेक्स-निफ्टी ने इस साल की अब तक की पूरा गिरावट को रिकवर कर लिया। वहीं ट्रंप टैरिफ के बाद से हुए नुकसान की भरपाई करने वाला पहला बाजार बन गया। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप में इस साल अब तक 10% की गिरावट आई है। भारतीय शेयर बाजार को बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स में तेजी से बाजार को सबसे अधिक सपोर्ट मिला, वहीं ऑयल एंड गैस और मेटल स्टॉक्स में भी तेजी लौटी। मार्च तिमाही में अच्छे नतीजों की उम्मीद और आरबीआइ की ओर से रेपो रेट में कटौती के बाद बैंकों की और से जमा दरों को कम करने के बाद स्वस्थ नेट इंटरेस्ट मार्जिन की संभावनाओं के कारण फाइनेंशियल शेयरों में तेजी आई। ICICI और HDFC बैंक के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। गुरुवार को भी बैंकिंग-फाइनेंशियल शेयरों में सबसे अधिक 2.21त्न की तेजी आई।
आइसीआइसीआइ - 3.73%
बजाज फिनसर्व - 3.14%
कोटक बैंक - 2.91%
एसबीआइ - 2.86%
एक्सिस बैंक - 2.48%
श्रीराम फाइनेंस - 2.06%
बैंकों के साथ ऑटो, फार्मा-हेल्थकेयर और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में आई तेजी से गुरुवार को सेंसेक्स 1५०९ अंक यानी 1.96त्न चढक़र 78,553 पर बंद हुआ। निफ्टी भी ४१४ अंक यानी 1.77त्न की तेजी के साथ 23,851 के स्तर पर रहा। विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में बाजार में लगातार गिरावट के चलते स्टॉक्स ओवरसोल्ड हो गए थे। लेकिन हाल के दिनों में ग्लोबल ट्रेड वॉर में संभावित नरमी की खबरों ने शॉर्ट-कवरिंग को ट्रिगर किया है। साथ ही विदेशी निवेशकों ने खरीदारी की, जिससे बाजार चढ़ा।
Updated on:
18 Apr 2025 11:12 am
Published on:
18 Apr 2025 11:12 am
