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Gold Silver Price Today: नए साल से पहले चांदी की चमक फीकी! 3 दिन में 22,000 रुपये टूटी, सोना 5,000 रुपये सस्ता

चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव 29 दिसंबर के बाद शुरू हुआ, जो साल के आखिरी दिन 31 दिसंबर को भी देखने को मिला। इसके क्या कारण क्या हैं, समझिए

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भारत

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Businessdesk

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Mohammad Hamid

Dec 31, 2025

3 दिनों से चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव (PC: Canva)

जैसे जैसे साल 2025 बीत रहा है, चांदी की चमक फीकी पड़ती जा रही है। आज साल 2025 का आखिरी दिन है, आज भी चांदी इंट्राडे में 18,700 रुपये प्रति किलो से ज्यादा टूट गई। इसके पहले 29 दिसंबर को भी चांदी में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था, उस दिन चांदी में 21,000 रुपये की गिरावट देखने को मिली थी।

साल के आखिरी दिन चांदी 18,000 रुपये फिसली

आज 31 दिसंबर को MCX पर चांदी के मार्च वायदा में काफी उठा-पटक देखने को मिल रही है। आज बाजार खुलते ही चांदी 18,000 रुपये तक टूट गई। चांदी वायदा ने 2,32,228 रुपये प्रति किलो का इंट्राडे लो बनाया है। फिलहाल चांदी 13,500 रुपये की गिरावट के साथ 2,37,000 रुपये प्रति किलो के करीब ट्रेड कर रही है।

3 दिन में 22,000 रुपये सस्ती हुई चांदी

2025 के आखिरी तीन दिनों में चांदी में काफी उथल-पुथल देखने को मिली है। 29 दिसंबर को, जिस दिन चांदी में भारी उठापटक देखने को मिली थी, उसी दिन चांदी ने 2,54,174 रुपये का ऑल टाइम हाई बनाया था. हालांकि उस ऊंचाई पर ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी और 2,22,502 रुपये के लेवल तक गोता लगाया। मगर, उसके अगले ही दिन मंगलवार, 30 दिसंबर को चांदी ने जबरदस्त रिकवरी दिखाई और 2,51,360 की ऊंचाई को छुआ। यानी 29 दिसंबर की क्लोजिंग 2,24,429 से करीब 27,000 रुपये प्रति किलो का दमदार कमबैक देखने को मिला। फिर 31, दिसंबर यानी आज चांदी में एक बार फिर से जबरदस्त गिरावट है। अगर इन तीन दिनों को एक साथ देखें तो, 29 दिसंबर के रिकॉर्ड हाई से चांदी अबतक 21,946 रुपये या करीब 22,000 रुपये तक टूट चुकी है।

सोना भी 5,000 रुपये सस्ता

चांदी की तरह सोने की कीमतों में इतनी उठापटक देखने को नहीं मिली है। हालांकि MCX पर सोने का फरवरी वायदा 1,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गया। लेकिन 29 दिसंबर से अभी तक देखें तो सोने की कीमतें सिर्फ 600-650 रुपये ही कम हुई हैं. हालांकि 26 दिसंबर को सोने ने 1,40,465 रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड हाई बनाया था। उससे भाव 5,000 रुपये तक टूट चुके हैं।

चांदी की कीमतों में गिरावट क्यों

चांदी की कीमतों में इतनी शार्प गिरावट क्यों आई, इसके पीछे कुछ दिलचस्प कारण हैं, जो कि जियो पॉलिटिकल कारणों और इंडस्ट्रियल डिमांड्स से अलग हैं। क्योंकि ये कारण लंबी अवधि में असर डालते हैं।

  • 2025 में चांदी ने करीब 150-180% तक का रिटर्न दिया है। ये किसी भी साल की सबसे शानदार परफॉर्मेंस है। अब चूंकि साल खत्म हो रहा है, इसलिए निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं. जिसकी वजह से कीमतों पर दबाव है।
  • CME ग्रुप (ग्लोबल कमोडिटी एक्सचेंज) ने दिसंबर के अंत में सिल्वर फ्यूचर्स के लिए मार्जिन 13-14% बढ़ा दिए। इससे स्पेकुलेटिव ट्रेडर्स को पोजीशन क्लोज करनी पड़ी। यानी उन पर पोजीशन को बेचने का दबाव पड़ा, जिससे चांदी की कीमतें तेजी से नीचे आईं। एक्सचेंज ने 27-29 दिसंबर के करी मार्जिन बढ़ाया था, तभी हमने 29 दिसंबर को इतनी बड़ी गिरावट देखी।
  • क्रिसमस, नए साल की छुट्टियों की वजह से ट्रेडिंग एक्टिविटी कम रहती है, बडे़ निवेशक और संस्थाएं छुट्टी पर चली जाती हैं, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी कम रहता है। इसलिए लिक्विडिटी कम होने पर छोटे छोटे ऑर्डर्स भी कीमतों पर बड़ा असर डालते हैं।