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Taiwan का कैसा कानून? नौकरी देने पर OnePlus के सीईओ के खिलाफ जारी किया गिरफ्तारी वारंट

Pete Lau Taiwan law violation: ताइवान ने अपने टैलेंट को चीन जाने से रोकने के लिए कानून बनाया है। इसी कानून के उल्लंघन का हवाला देते हुए सीईओ के खिलाफ वारंट जारी किया गया है।

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भारत

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Newsdesk

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Neeraj Nayyar

Jan 16, 2026

OnePlus Oppo Taiwan engineers hiring

ताइवान ने कानून तोड़ने का आरोप लगाया है। (PC:AI)

OnePlus CEO arrest warrant: नौकरी देने के लिए जहां तारीफ मिलनी चाहिए, वहीं ताइवान में एक दिग्गज कंपनी के सीईओ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। हालांकि, मामला थोड़ा पेचीदा है और कानून के उल्लंघन की बात कही जा रही है। स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी वनप्लस के को-फाउंडर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर पीट लाउ (Pete Lau) इस समय मुश्किल में हैं, उनके खिलाफ ताइवान की सरकार ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। आरोप है कि उन्होंने चीनी कंपनियों द्वारा लोकल टेक्नोलॉजी टैलेंट की भर्ती से जुड़े कानूनों का उल्लंघन किया है।

क्या कहता है कानून?

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, ताइपे के शिलिन जिला प्रशासन ने पीट लाउ पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 70 से अधिक ताइवानी इंजीनियरों को गैर-कानूनी तरीके से चीन में वनप्लस और उसकी सहयोगी कंपनी ओप्पो के लिए काम पर रखा। लाउ की मदद के लिए दो ताइवानी नागरिकों पर भी कार्रवाई की गई है। लाउ वनप्लस के CEO और ओप्पो में चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर हैं। ताइवान में एक कानून है, जो 'ताइवान एरिया' और मेनलैंड चीन के लोगों के बीच संबंधों को नियंत्रित करने के लिए बनाया गए है। इस कानून के तहत चीनी कंपनियों को सरकार की पूर्व मंज़ूरी के बिना ताइवान के पेशेवरों को नौकरी पर रखने की मनाही है।

किसलिए बना ये कानून?

आरोप है कि वनप्लस के सीईओ ने सरकार की पूर्व मंजूरी के लिए ताइवान के इंजीनियरों को नौकरी पर रखकर कानून का उल्लंघन किया है। इसलिए उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया है। इसके साथ ही दो ताइवानी नागरिक भी कार्रवाई के दायरे में आए हैं, जिन पर सीईओ की मदद का आरोप है। ताइवान ने यह कानून इसलिए बनाया है ताकि उसका सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस प्रभावित न हो। ताइवान दुनिया में सेमीकंडक्टर का हब है, उसकी सेमीकंडक्टर चिप की डिमांड पूरी दुनिया में है। ताइवान नहीं चाहता कि उसके कुशल कर्मचारी मेनलैंड के प्रतिस्पर्धियों के हाथों में जाएं। इसलिए वह कानून के जरिए उन्हें रोकता है।

पहले भी जारी हुए वारंट

ताइवान इस मामले को चीनी कंपनियों द्वारा उसके हाई-टेक टैलेंट की कथित चोरी के तौर पर देख रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने पहले भी Apple सप्लायर Luxshare सहित अन्य मैन्युफैक्चरर्स के अधिकारियों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। ताइवान सरकार ने संभावित प्रत्यर्पण प्रयासों पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं, OnePlus ने कहा कि उसके बिजनेस ऑपरेशन सामान्य रूप से चल रहे हैं। वन प्लस एक चीनी कंपनी है, जिसकी स्थापना पीट लाउ और कार्ल पेई (Pete Lau and Carl Pei) ने 2013 में की थी। मोबाइल ब्रांड Oppo भी इसी कंपनी का हिस्सा है। चीन की इस कंपनी के उत्पाद भारत में भी पसंद किए जाते हैं।

Pete Lau के पास कितनी दौलत?

पीट लाउ ने ओप्पो में एक हार्डवेयर इंजीनियर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे तरक्की करते गए। वह कंपनी के ब्लू-रे डिवीजन के हेड बने, बाद में मार्केटिंग ऑपरेशंस की देखरेख की और फिर वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त हुए। इस भूमिका ने उन्हें ओप्पो की प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी के केंद्र में ला दिया। दिसंबर 2013 में, उन्होंने और कार्ल पेई ने छह लोगों की एक छोटी फाउंडिंग टीम के साथ मिलकर OnePlus लॉन्च किया। कंपनी ने विज्ञापन पर खर्च कम करने और ऑनलाइन बिक्री पर जोर दिया। जब OnePlus ने 2014 में OnePlus One लॉन्च किया, तो उसे काफी पसंद किया गया। जनवरी 2026 तक पीट लाउ की नेट वर्थ 7 मिलियन डॉलर के आसपास थी।