
India's Billionaire: भारत में अमीरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश में करोड़पतियों की संख्या वर्ष 2024 में 6 प्रतिशत बढ़कर 85,698 हो गई। साल 2023 में यह संख्या 80,686 थी। जबकि अरबपतियों की संख्या 12 प्रतिशत बढ़कर 191 पर पहुंच गई है। इनमें से 26 पिछले साल ही इस श्रेणी में शामिल हुए हैं। जबकि 2019 में यह संख्या सिर्फ 7 थी।
नाइटफ्रैंक की ग्लोबल वेल्थ रिपोर्ट के मुताबिक 10 करोड़ डॉलर यानी 870 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति वाले भारतीयों (यूएनएचआइ) की संख्या आगे और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। अनुमान है कि वर्ष 2028 तक यह संख्या बढक़र 93,753 हो सकती है, जो भारत के बढ़ते धन परिदृश्य को दर्शाता है।
सुपर रिच लोगों के मामले में भारत सिर्फ अमरीका-चीन, जापान से पीछे है। वहीं भारतीय अरबपतियों की संयुक्त संपत्ति 950 अरब डॉलर आंकी गई है, जो अमरीका के 5,700 अरब डॉलर और चीन के 1,340 अरब डॉलर के बाद वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है।
| देश | अमीरों की संख्या | ग्लोबल हिस्सेदारी |
| अमेरिका | 9,05,413 | 38.7 प्रतिशत |
| चीन | 4,71,634 | 20.1 प्रतिशत |
| जापान | 1,22,119 | 5.2 प्रतिशत |
| भारत | 85,698 | 3.7 प्रतिशत |
| जर्मनी | 69,798 | 3.0 प्रतिशत |
| कनाड़ा | 64,988 | 2.8 प्रतिशत |
| ब्रिटेन | 55,667 | 2.4 प्रतिशत |
| फ्रांस | 51,254 | 2.2 प्रतिशत |
| ऑस्ट्रेलिया | 42,789 | 1.8 प्रतिशत |
| हांगकांग | 42,715 | 1.8 प्रतिशत |
रिपोर्ट के मुताबिक विश्व की 3.7 प्रतिशत अमीर आबादी भारत में रहती है। भारत इस मामले में चौथे नंबर पर है। पहले पर अमेरिका, दूसरे पर चीन और तीसरे पर जापान हैं। विनिर्माण क्षेत्र ने पिछले 10 साल में टेक की तुलना में अधिक अरबपति बनाए हैं।
भारत की इस प्रभावशाली प्रगति का श्रेय देश के उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम को दिया जा सकता है। स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच और उद्यमशीलता की संस्कृति ने इस वृद्धि को गति दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टार्टअप संस्कृति भारत और फिलीपींस जैसे देशों में अमीरों की वृद्धि की महत्वपूर्ण वजह बनी है। ये उद्यमी और अधिक धनवान बन सकते हैं, जिससे हाई-टेक कंपनियों का नया युग शुरू हो रहा है, जो एशिया के आर्थिक परिदृश्य को बदल रहा है।
Updated on:
06 Mar 2025 08:41 am
Published on:
06 Mar 2025 08:15 am
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