29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अमेरिका-वेनेजुएला की लड़ाई से क्या भारत में भड़केगी तेल की आग, Petrol-Diesel के दाम बढ़ेंगे?

Brent crude price forecast: अमेरिका-वेनेजुएला विवाद ने इस आशंका को जन्म दिया है कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है। इसके साथ ही सोने और चांदी के दाम भी मजबूती से बढ़ सकते हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Newsdesk

•

image

Neeraj Nayyar

•

Updated: 6 Jan 2026, 9:01 AM IST

US Venezuela conflict

कच्चे तेल के दाम कुछ हद तक बढ़ सकते हैं। (PC: AI)

अमेरिका-वेनेजुएला विवाद ने पूरी दुनिया को टेंशन में डाल दिया है। वजह है वेनेजुएला के पास मौजूद तेल का सबसे बड़ा भंडार। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है। दाम चढ़ने का सिलसिला अभी से शुरू हो गया है। भारत अपनी तेल जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में यदि क्रूड ऑयल की कीमतों में 'आग' लगती है, तो उसका असर पेट्रोल-डीजल के दाम पर भी पड़ सकता है। पेट्रोल-डीजल के दाम पहले से ही ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं। कई शहरों में पेट्रोल शतक लगा चुका है और डीजल भी उसके पीछे है। अगर अब मूल्यवृद्धि होती है, तो जनता की मुश्किलों में इजाफा हो जाएगा।

सीमित असर पड़ने की उम्मीद

एक्स्पर्ट्स का मानना है कि वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले से कच्चे तेल की कीमतों पर कम समय के लिए सीमित असर पड़ने की संभावना है। Ya Wealth के डायरेक्टर अनुज गुप्ता ने मिंट से कहा - 'ब्रेंट क्रूड 62–65 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है, जो फिलहाल 60.72 डॉलर के भाव पर उपलब्ध है'। इसका मतलब है कि कीमतों में बड़े उछाल की संभावना नहीं है। हालांकि, अगर विवाद कोई बड़ा रूप लेता है, जिसकी संभावना अधिक नहीं है, तो कीमतों में काफी बढ़ोतरी की आशंका बन सकती है। इस लिहाज से देखें तो फिलहाल भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के आसार नहीं हैं।

फिलहाल इस बात पर है नजर

VT मार्केट्स में ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल का कहना है कि इस तनाव से जियोपॉलिटिकल रिस्क बढ़ेगा और वेनेजुएला की कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हो सकती है। फिलहाल बाजार का ध्यान वेनेजुएला के मौजूदा उत्पादन पर कम और इस बात पर ज्यादा है कि राजनीतिक नियंत्रण कैसे काम करता है। तेल की कीमतें इस बात पर निर्भर करेंगी कि वेनेजुएला का नेतृत्व तेल भंडार पर कितनी जल्दी कंट्रोल हासिल कर पाता है। मैक्सवेल ने आगे कहा कि ऑपरेशनल रुकावटों और कानूनी अनिश्चितता के कारण शॉर्ट-टर्म रिस्क कच्चे तेल के लिए बुलिश हैं। वहीं, एक भरोसेमंद अंतरिम सरकार अगर ज्यादा बैरल तेल बाजार में लाने में सफल होती है, तो लॉन्ग-टर्म में आउटलुक बेयरिश होगा।

गोल्ड-सिल्वर का अनुमान

कच्चे तेल की तरह सोना और चांदी पर भी इस विवाद का शॉर्ट टर्म असर पड़ सकता है। अनुज गुप्ता को सोने, चांदी, तांबा, गैसोलीन आदि के लिए गैप-अप ओपनिंग की उम्मीद है। उनका अनुमान है कि COMEX सोना 4,380 डॉलर प्रति औंस और चांदी 75–78 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। MCX पर सोना 1,40,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल MCX पर गोल्ड प्राइस 1,38,200 रुपए प्रति 10 ग्राम और सिल्वर 2,46,200 प्रति किलोग्राम के भाव पर मिल रही है। मालूम हो कि चांदी की कीमतों में उछाल की एक बड़ी वजह चीन द्वारा निर्यात को सीमित करना भी है। चीन ने चांदी के निर्यात के लिए लाइसेंस जरूरी कर दिया है और नियम काफी कड़े कर दिए हैं। इससे मार्केट में चीन से आने वाली चांदी की आपूर्ति कम होगी और दाम आगे भी चढ़ सकते हैं।