प्रतिष्ठित दूरसंचार कंपनी वोडाफोन ने 14,200 करोड़ के टैक्स नोटिस पर नाराजगी जाहिर की है। नोटिस में कहा गया है कि यह राशि न चुकाने की सूरत में कंपनी के एसेट्स को जब्त कर लिया जाएगा।
नोटिस से खफा कंपनी ने कहा कि 'एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी विदेशी निवेशकों के लिए टैक्स फ्रेडली माहौल को बढ़ावा दे रहें है, तो दूसरी ओर इस नोटिस से यह पता चलता है कि सरकार और कर विभाग में कोई संपर्क नहीं है।'
'भारत सरकार ने 2014 में कहा था कि हमारे विवाद सहित सभी मौजूदा कर विवादों को न्यायिक प्रक्रिया से हल किया जाएगा।'
बहरहाल इस पूरे मामले में पीएम मोदी के 'मेक इन इंडिया' स्कीम को झटका लग सकता है क्योंकि इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य विदेशी निवेश को आकर्षित करना ही है।