12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लोन बांटने वालों के फोन उठाते ही खराब होता है स्कोर, बैंकिंग में होती है दिक्कत

आपने अगर कोई लोन या किस्त डिफाल्ट की होगी तो वह भी रिपोर्ट में दर्ज हो जाता है। आपने साल में कितनी लोन इंक्वायरी की, उसकी संख्या भी दर्ज रहती है।

3 min read
Google source verification

भारत

image

Ashish Deep

Jun 04, 2025

Loan देने के लिए आपके पास आए दिन फोन आते होंगे। अगर आप उनके फोन उठाकर लोन से जुड़ी कुछ इन्क्वायरी करते हैं तो बड़े खतरे को दावत दे रहे हैं। निवेश एक्सपर्ट बताते हैं कि लोन मिलेगा या नहीं मिलेगा, यह अलग प्रक्रिया है। इससे ज्यादा जरूरी है कि हम अपने क्रेडिट स्कोर को नियमित तौर पर ट्रैक करें। साल में कम से कम दो बार तो अपनी रिपोर्ट देखनी ही चाहिए। और जिन लोगों ने लोन ले रखा है या पहले लेकर खत्म कर दिया है, उनको तो और ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। ईएमआई बाउंस होना, लोन रीपेमेंट अपडेट न होना जैसी तमाम वजहें हैं, जो स्कोर को खराब करती हैं। उन्होंने एक और बात के लिए ग्राहकों को आगाह किया है कि Loan के लिए आने वाली कॉल को नजरअंदाज करना बहुत जरूरी है। ये भी स्कोर खराब करने में जरिया बनती हैं।

कैसे देखें अपना क्रेडिट स्कोर

CIBIL जैसे ब्यूरो ग्राहक का जो भी डेटा तैयार करते हैं वह आपकी क्रेडिट की स्थिति के बारे में बताता है। अगर आप अपने क्रेडिट स्कोर को सुधारना चाहते हैं तो पहले जानना होगा कि वह सुविधा आपको मिलेगी कैसे?

साल में एक बार मुफ्त

हर ग्राहक को साल में एक बार क्रेडिट स्कोर की रिपोर्ट मुफ्त मिलती है। आपको अपने क्रेडिट ब्यूरो की साइट पर लॉगिन कर रजिस्टर करना होगा। इसमें आपके PAN, AADHAAR और मोबाइल नंबर से जुड़ी जानकारी मांगी जाएगी। OTP आधारित वेरिफिकेशन के बाद आपको अपनी रिपोर्ट देखने को मिल जाएगी।

क्या-क्या रहता है रिपोर्ट में

निवेश एक्सपर्ट बलवंत जैन के मुताबिक क्रेडिट रिपोर्ट में आपको मोबाइल नंबर, PAN, घर का पता और आपने अब तक जितने भी लोन लिए हैं, उनका ब्योरा मिलेगा। आपने अगर कोई लोन या किस्त डिफाल्ट की होगी तो वह भी रिपोर्ट में दर्ज हो जाता है। आपने साल में कितनी लोन इंक्वायरी की, उसकी संख्या भी दर्ज रहती है।

कोई भी गलती गिरा सकती है स्कोर

किसी भी जानकारी में गलती आपका क्रेडिट स्कोर घटा सकती है। उदाहरण, आपने कोई ईएमआई दोबारा दी लेकिन पेमेंट गेटवे/ बैंक सर्वर की समस्या या खाते की गलत जानकारी या गलत क्रेडिट लिमिट के कारण वह दर्ज नहीं हुई तो यह सीधे तौर पर क्रेडिट स्कोर पर फर्क डालती है।

कर्ज लेने में ज्यादा रुचि दिखाना नुकसानदेह

डुप्लीकेट अकाउंट या अनाधिकृत ट्रांजैक्शन को ध्यान से चेक करना चाहिए, नहीं तो पकड़ जाने पर स्कोर प्रभावित होगा। लोन देने वालों की ओर से फोन कॉल आना और आपका उस फोन को उठाना भी यह जाहिर करता है कि आप कर्ज लेने में बहुत ज्यादा रुचि रखते हैं। इससे भी क्रेडिट स्कोर कम होता है। ऐसी कॉल से बचना चाहिए। ब्यूरो इस जानकारी को भी क्रेडिट रिपोर्ट का हिस्सा बना देते हैं और जितनी ज्यादा इन्क्वायरी उतना ज्यादा स्कोर पर असर पड़ता है।

कमियां दूर करने का रास्ता

निवेश सलाहकार अमित निगम के मुताबिक ऐसी कमियों को दूर करने के लिए आप वेबसाइट पर दिए Dispute Form का इस्तेमाल करें। अगर गलती आपको पकड़ में आ गई है तो आप ब्यूरो से गलती सुधारने को कह सकते हैं। इसके लिए सपोर्टिंग डॉक्युमेंट लगाना होगा। इसमें निम्न कागज शामिल हैं-
1- लोन की रीपेंट डिटेल
2- कर्जधारक बैंक से क्लोजर नोट
3- बैंक ट्रांजैंक्शन के रिकॉर्ड
4- क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट
यही नहीं आपको बैंक या एनबीएफसी को भी इस चूक के बारे में बताना होगा। इससे वे खबरदार हो जाएंगे और आपको किसी कागज की जरूरत पड़ती है तो उपलब्ध करा पाएंगे।

कितने दिन लगते हैं

निगम के मुताबिक ऐसे मामलों में एक महीने का समय लगता है। आपको चूक सुधरने के बाद बताया भी जाएगा। अगर 30 दिन में मामला नहीं सुलटता तो आप RBI के पास शिकायत कर सकते हैं। इसलिए आपको होशियार रहने के लिए अपनी रिपोर्ट साल में दो बार चेक करनी चाहिए। अगर कुछ फीस देनी पड़े तो गुरेज नहीं करना चाहिए। कुछ बैंक अपनी नेट बैंकिंग के जरिए मुफ्त में क्रेडिट रिपोर्ट देखने की सुविधा भी देते हैं।