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5000 रुपए का है ये एक जोड़ी पान, कीमत ही नहीं खासियत जानकर भी रह जाएंगे हैरान

मेट्रो शहरों में पान का कारोबार तेजी से फलफूल रहा है। पान दुकानदार ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए इसे अलग-अलग फ्लेवर्स आैर खास तरह की पैकिंग में बेच रहे हैं।

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Paan

5000 रुपए का है ये एक जोड़ी पान, कीमत ही नहीं खासियत जानकर भी रह जाएंगे हैरान

नर्इ दिल्ली। पान का नाम सुनकर ही कर्इ लोग के पास अपने किस्से होते हैं। भारत में पान चबाना लोगों को काफी पसंद है। इसी को देखते हुए मेट्रो शहरों में पान को अलग-अलग फ्लेवर व अंदाज में पेश किया जाता है। लेकिन अाज हम आपको एक खास पान की दुकान के बारे में बताने जा रहे है जिसकी खासियत के साथ-साथ कीमत जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे। करीब 50 साल पुरानी यह पान की दुकान आैरंगाबाद में है जिसका नाम 'तारा पान सेंटर' है। यह दुकान अपने एक खास तरह की पान के लिए मशहूर है जिसका नाम कोहीनूर पान है।


कीमत ही नहीं खासियत में भी है अलग

अाप जानकर दंग रह जाएंगे की इस पान की कीमत 5,000 रुपए है आैर इसे केवल कपल्स को ही बेचा जाता है। इस पान को जोड़ें में ही बेचा जाता है। कोहीनूर पान को लेकर दुकान का दावा है कि यह कपल्स के लिए कर्इ मायनों में लाभदायी है। इस खास पान को एक अलग अंदाज में पैक भी किया जाता है। पुरूष व महिला के लिए यह पान अलग-अलग तरीके से बनाया जाता है। पुरूषों के लिए इस पान में केसर, मस्क, अगर आैर गुलाब होता है। इसके अलावा दुकानदार एक आैर सीक्रेट इंग्रेडीएंट डालता है जिसके बारे में सिर्फ उसे आैर उसकी मां को पता है। वहीं महिला के लिए बने पान में सफेद मुसली, गुलाब आैर केसर आदि डाला जाता है।

विदेशियों ने भी लिया मजा

इस दुकानदार का नाम मोहम्म्द सर्फद्दीन सिद्दीकी है आैर ये पिछले 30 साल से इस दुकान को चला रहे हैं। इस दुकान से दुबर्इ, कुवैत आैर सउदी अरब तक में पाना निर्यात किया जा चुका है। इस पान के पैकेट के साथ कपल्स को एक मस्क का इत्र भी दिया जाता है। इस पान को खाने के बाद थूका भी नहीं जाता है बल्कि खाया जाता है।


मेट्रो शहरों मे तेजी से फलफूल रहा पान का कारोबार

दरअसल वैश्विकरण के दौर में भारतीय बाजार में भी अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला है। पान विक्रेता भी इसी बात को भुनाने की काेशिश में लगे हैं। माना जाता है कि पान में मेडिसिनल क्वाॅलिटी होती है आैर इससे पाचन प्रक्रिया भी बेहतर होता है। राजधानी दिल्ली में पान के एक बड़े कारोबारी के मुताबिक, भारतीय सभ्यता में पान खाने का एक हिस्सा है आैर इसे तो टोबैकाे की दुकान पर होना ही नहीं चाहिए। पान के अलग-अलग फ्लेवर आैर पैकेजिंग के सवाल को लेकर उन्होंने बताया कि इसे हम कूल बनाकर भुनाने की कोशिश में कर रहे हैं। इसे ग्राहक आकर्षित होते हैं जिसमें अधिकतर युवा ही होते हैं। हालांकि पान विक्रेताआें का कहना है कि इससे उनके मार्जिन में कमी आती है ।

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