
तो इस वजह से नई कार की जगह सेकेंड हैंड कार खरीदना होता है फायदे का सौदा
नई दिल्ली: मार्केट में हर कस्टमर की जरूरत के हिसाब से नई कार मौजूद हैं। लेकिन अगर आप सस्ती से सस्ती कार भी खरीदेंगे तो ये आपको 3 लाख से 4 लाख रुपये के बीच मिलती है। ऐसे में ये आपको जेब पर भारी पड़ती है। लेकिन आप चाहें तो नई कार की जगह सेकेंड हैंड कार ( second hand car ) खरीदकर इस खर्च को आधे से भी कम कर सकते हैं। दरअसल आजकल लोग बेहद ही कम समय के लिए कार खरीदने हैं और फिर कुछ महीने इसे चलाने के बाद बेच देते हैं। ऐसे में सेकेंड हैंड कार एक अच्छा विकल्प साबित होती है।
आजकल मार्केट में तेजी से सेकेंड हैंड कार खरीदने का चलन बढ़ता जा रहा है। सेकेंड हैंड कारों को आप आसानी से खरीद सकते हैं और ये बेहद ही कम कीमत में मिल जाती हैं। आजकल ऐसे कई सारे मार्केट्स ( Second Hand Car Market ) खुल गए हैं जहां पर जाकर आप अपनी मन-पसंद कार चुन सकते हैं और इन्हें खरीदा सकते हैं। आप खरीदने से पहले इन कारों को चला कर भी देख सकते हैं।
अगर आप सेकेंड हैंड कार खरीदते हैं तो आप इसे अपने तरीके से अपग्रेड करवा सकते हैं। पुरानी कार को भी अपग्रेड करवाने के बाद भी जो खर्च आता है वो ज्यादा नहीं होता है। ऐसे में आपको सस्ते दाम में कार भी मिल जाती है और इसके फीचर्स भी आपके मन मुताबिक़ रहते हैं।
कई कार गैराज तो ऐसे भी हैं जहां पर आप सेकेंड हैंड कार को पूरे डाक्यूमेंट के साथ खरीद सकते हैं जिससे बाद में आपको किसी तरह के कानूनी पचड़ों में नहीं फंसना पड़ता है। सेकेंड हैंड कार की एक और ख़ास बात ये है कि आप इसे कुछ महीने बाद भी बेचते हैं तो आपने कार को जिस दाम में खरीदा होता है आप इसे लगभग उसी दाम में बेंच सकते हैं। जबकि नई कार के साथ ऐसा नहीं है क्योंकि इसे खरीदते ही अगर आप इसे बेचते हैं तो इसकी कीमत में 10 प्रतिशत की कमी आ जाती है।
Updated on:
04 Jun 2019 02:51 pm
Published on:
04 Jun 2019 02:49 pm

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