
चंदौली में एक निजी स्कूल के प्रधानाध्यापक की तानाशाही से नाराज नन्हे मुंहे छात्रों और अभिभावकों ने डीएम आवास पर पहुंच कर फरियाद लगाई | डीएम ने निर्देश पर बीएसए और सदर एसडीएम ने अभिभावकों और छात्रों से बात कर समस्या का हल निकाला | बीएसए के आश्वासन पर छात्र और अभिभावक वापस स्कूल लौट गए | बीएसए ने कहा की, छात्रों की फीस बेसिक शिक्षा विभाग जमा करेगा |
दरअसल, चंदौली जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर दो शास्त्री नगर स्थित ब्लॉसम एकेडमी के प्रधानाचार्य द्वारा गुरूवार को एक दर्जन से अधिक छात्रों को परीक्षा केंद्र से बाहर निकाल दिया गया। इन बच्चों का राइट टू एजुकेशन के तहत इस विद्यालय मे एडमिशन हुआ था। लेकिन विद्यालय संचालक ने शासन के नियमों को ताक पर रखकर प्रत्येक छात्र से 18 सौ रूपये फीस की डिमांड कर परीक्षा देने से रोक दिया ।
ऐसे में लाचार छात्र और अभिवावक पालीटेक्निक कालेज परिसर स्थित डीएम आवास पर डीएम निखिल टीकाराम फुंडे से न्याय की आस के साथ पहुंच गए। जहां डीएम की सूचना पर घंटे भर बाद पहुंचे बीएसए ने छात्रों को समझाकर वापस भेज दिया।
आरटीई एक्ट के तहत हुआ था बच्चो का एडमिशन
दरअसल, शिक्षा विभाग के द्वारा हर साल गरीब बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के लिए राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत चयन किया जाता है। चयन के बाद छात्रों को निजी स्कूल का आवंटन किया जाता है। जहां छात्रों को बगैर कोई फीस लिए शिक्षा देने का प्राविधान है और बच्चो के स्कूल की फीस को बेसिक शिक्षा विभाग जमा करता है।
डीएम ने भेजा बीएसए एसडीएम को बात करने भेजा
ब्लॉसम एकेडमी के प्रधानाचार्य के व्यवहार से नाराज बच्चे और अभिभावक डीएम आवास पहुंचे और आवास के गेट के बाहर डीएम साहब का इंतज़ार करने लगे | डीएम आवास पर सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जवानों ने गेट पर बच्चो के आने की जानकारी डीएम साहब को दी | मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने बेसिक शिक्षाधिकारी और सदर एसडीएम को बच्चो से मिलने भेजा |
अभिभावकों ने रुपया मांगने का लगाया आरोप
डीएम आवास पर पहुंचे छात्र सरफराज अहमद ने बताया कि प्रधानाचार्य के द्वारा फीस की डिमांड की जा रही थी। इसी के चलते उनको परीक्षा में बैठने से रोक दिया है। अभिवावक दिलीप कुमार ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल के द्वारा पिछले कई दिनों से लगतार छात्रों को फीस के लिए धमकाया जा रहा है और 18 सौ रूपये की मांग की जा रही है | ऐसे में गुरूवार को स्कूल पहुंचने पर छात्रों को परीक्षा हाल में जाने से रोक दिया गया।
बीएसए ने कराया समस्या का समाधान
बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल संचालक से वार्ता हुई है। स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया की अभिभावकों ने दुर्व्यव्हार किया है। छात्रों और अभिवावकों को समझा बुझाकर वापस स्कूल भेज दिया गया है। साथ ही स्कूल संचालक को कड़ी चेतावनी भी दी गई है। आरटीई नियम के तहत जिन बच्चो का एडमिशन कराया जाता है उनकी फ़ीस बेसिक शिक्षा विभाग वहन करता है |
Published on:
02 Mar 2023 11:56 pm

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