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खैहरा के भटिंडा सम्मेलन के बाद आम आदमी पार्टी के केन्द्रीय नेतृृत्व की डैमेज कंट्रोल की रणनीति

पार्टी सूत्रों के अनुसार हाल में पंजाब में उभरे खैहरा फैक्टर को नाकाम करने के लिए प्रदेश में सिलसिलेवार सभाएं आयेजित करने का फैसला किया गया है...

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(चंडीगढ): पंजाब के नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी के भोलत से विधायक सुखपाल खैहरा की अगुवाई में गुरूवार को भटिंडा में आयोजित सम्मेलन को पार्टी के लिए डैमेज मानते हुए केन्द्रीय नेतृृत्व ने इसके
कंट्रोल की रणनीति बनाई है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार हाल में पंजाब में उभरे खैहरा फैक्टर को नाकाम करने के लिए प्रदेश में सिलसिलेवार सभाएं आयेजित करने का फैसला किया गया है। इस सिलसिले में चंडीगढ में शनिवार को सभी जोन व जिले के करीब एक हजार पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सभी पदाधिकारियों को गुमराह होने से रोकने के लिए चर्चा की जाएगी। साथ ही 13 अगस्त को आयोजित की जाने वाले प्रदेश स्तरीय बैठक की तैयारी को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस बैठक काे दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व पंजाब के प्रभारी मनीष सीसोदिया संबोधित करेंगे।

डैमेज कंट्रोल की इस तैयारी के साथ पार्टी के नेता इस बात पर भी जोर दे रहे हैं कि खैहरा का कोई प्रभाव नहीं है। जल्दी ही सभी कुछ समाप्त हो जाएगा। जो लोग भटिंडा सम्मेलन में गए थे वे लौटकर आ जाएंगे। उधर खैहरा गुट पंजाब में आम आदमी पार्टी के कुल 20 विधायकों में से दो तिहाई यानि 14 अपने साथ न होने के कारण अभी अलग पार्टी बनाने की स्थिति में नहीं है। भटिंडा सम्मेलन में खैहरा समेत कुल सात विधायक ही मौजूद थे। सम्मेलन में एक सप्ताह में चंडीगढ में विधायकों की बैठक आयोजित कर नेता प्रतिपक्ष का चुनाव कराने का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि इस बैठक में खैहरा अपनी दावेदारी पेश करते हैं तो उन्हें कुल बीस में से 11 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। समझा जा रहा है कि खैहरा गुट समर्थन जुटाने के लिए सक्रिय है।

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