
Himachal Pradesh's former Chief Minister Virbhadra Singh
राजेंद्र सिंह जादौन की रिपोर्ट...
(चंडीगढ): हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शुक्रवार शाम चंडीगढ़ में थे। उन्होंने यहां अपने समर्थकों से मुलाकात की और पत्रकारों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव से पहले हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदला जाना चाहिए। साथ ही अपने खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति और अन्य मुकदमों को बदले की राजनीति का नतीजा बताया।
वीरभद्र सिंह व सुखविंदर सिंह के बीच छिडी जुबानी जंग
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के लिए कमजोर प्रत्याशियों को जिम्मेदार बताते आ रहे वीरभद्र सिंह ने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले मौजूदा हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुखू को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में ऐसे प्रत्याशियों को टिकट दिए गए जो कि जीतने की स्थिति में ही नहीं थे। अब लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों का सही फैसला होना चाहिए। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर वीरभद्र सिंह और सुखू के बीच जुबानी जंग छिडी हुई है। जहां वीरभद्र सिंह की दलील है कि कमजोर प्रत्याशी खडे करने के कारण पार्टी हारी वहीं सुखू ने भी जवाब दिया है कि सरकार के कामकाज के आधार पर चुनाव के नतीजे आए।
सिंह रहेंगे निर्णायक की भूमिका में
वीरभद्र सिंह ने कहा कि वे लोकसभा चुनाव तो नहीं लडेंगे लेकिन निर्णायक भूमिका निभायेंगे। हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन करेगी। इस सवाल पर कि क्या जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने कांग्रेस को कोई रास्ता दे दिया है? वीरभद्र ने कहा कि रास्ता तो खोजना होगा।
अपने उपर लगे आरोपों पर यह बोले सिंह
अपने खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक सम्पत्ति मामलों पर वीरभद्र ने कहा कि ये सभी बदले की राजनीति का नतीजा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार से पहले भाजपा की सरकार ने हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को कीमती सरकारी इमारतें व जमीन आवंटित कर दी। यहां तक कि जमीन पर होटल बनाने की इजाजत दे दी। उन्होंने इन सभी मामलों में कार्रवाई की तो उनके खिलाफ तमाम मुकदमे लाद दिए गए। वीरभद्र ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल और उनके सांसद पुत्र व हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे अनुराग ठाकुर की ओर इशारा किया।
न हो विधानसभा व लोकसभा चुनाव एक साथ-वीरभद्र सिंह
वीरभद्र ने कहा कि वे लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराए जाने के पक्ष में नहीं है। कोई विधानसभा अपना शेष रहा कार्यकाल क्यों छोडे? मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के चंडीगढ पर दावा जताने के सवाल पर वीरभद्र ने कहा कि वे इसके पक्ष में नहीं है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला ही ठीक है। शिमला में पिछले दिनों पैदा हुए पानी के संकट पर उन्होंने कहा कि यह नगर निगम की नाकामी थी।
Published on:
07 Jul 2018 01:02 pm
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