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मानसा में सौर उर्जा से 200 मैगावाट का बिजली उत्पादन आंरभ

सौर उर्जा उत्पादन में मानसा जिला अग्रणी- 64 MW के सौर उर्जा प्लांट स्थापित, 245 करोड़ की लागत

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Yuvraj Singh Jadon

Jul 08, 2015

solar plant

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मीरपुर कला। गैर रिवायती उर्जा के क्षेत्र में मानसा जिला सम्पूर्ण राज्य के लिए दिशा देने वाला बन गया है और एक वर्ष में सौर उर्जा से 200 मैगावाट का बिजली उत्पादन आंरभ हो जाएगा। इसके अतिरिक्त विश्व स्तरीय कंपनी मेजबीयर द्वारा मानसा जिले में ही 150 एकड़ भूमि पर 34 मेैगावाट की क्षमता का एक और सौर उर्जा प्लांट स्थापित किया जाएगा। पंजाब के राजस्व एवं गेैर रिवायती उर्जा मंत्री स. बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा संसद सदस्य स. बलविन्द्र सिंह भूंदड़ के साथ 15.50 करोड़ की लागत वाले 2.10 मैगावाट एवं 8 करोड़ की लागत वाले एक मैगावाट के सौर उर्जा प्रोजेक्टों का उद्घाटन किया। यह प्रोजैक्ट अलिआंज इको पावर एवं एमएस नैक्सटजैन सोलकस पावर प्राइवेट लि. द्वारा स्थापित किए गए हैं।

मजीठिया ने कहा कि तीन वर्ष पहले गैर रिवायती उर्जा के क्षेत्र में आंरभ हुआ कार्य अब एक अभियान बन चुका है और 1500 करोड़ की लागत से 9 मैगावाट से कुल क्षमता 215 मैगावाट हो चुकी हैँ। इसके अतिरिक्त 229 मैगावाट के 1600 करोड़ के गंाऊड माऊटंड सोलर प्लांट तथा 65 मेैगावाट की क्षमता वाले छतों पर लगने वाले चार सौर उर्जा प्लांट भी 300 करोड़ की लागत से स्थापित कि ए जा रहे है।

उन्होंने कहा कि मानसा जिले में सौर उर्जा प्रोजैक्टों में पहल की हैं और 61 मेगावाट के प्रोजेक्ट सफलता पूर्वक चल रहे हैँ। पंजाब सरकार के प्रयासों की केन्द्र सरकार द्वारा सराहना की गई है और री इनवेस्ट 2015 दौरान जहां प्रधानमंत्री द्वारा पंजाब को सर्वोतम कारगुजारी वाला राज्य होने पर सम्मानित किया गया वही हाल ही में रिन्यूएबल एनर्जी प्रमोशन एसोसिएशन द्वारा सर्वौतम बायो एनर्जी वाला राज्य घोषित किया गया है।

स्वच्छ उर्जा को समय की जरूरत बताते हुए मजीठिया ने कहा कि लोगों को गैर रिवायती उर्जा के उत्पादन में भागीदार बनाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा नेैट मीटरिंग नीति 2014 लागू की गई है इसके अतिरिक्त आईडीबीआई बैंक द्वारा भी सूर्या शक्ति तहत ऐसे प्रोजैक्टों के लिए वितीय सहायता योजना की शुरूवात की गई है।

उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल एवं उपमुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में बठिंडा एवं मानसा जिले सौर उर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणीय हो चुके है। जोकि किसी समय पिछड़े कहे जाते थे। उन्होने कहा कि किसानों द्वारा भी इस क्षेत्र में अधिक उत्साह दिखाया जा रहा है और 500 मैगावाट के अनुमान की जगह पंजाब सरकार को 1200 मैगावाट उत्पादन संबधी आवेदन प्राप्त हुये है। उसके साथ कम उपजाऊ भूमि पर सौलर प्लांट लगने से किसानों को अच्छी आय भी हो रही है।

प्रवासी भारतीयों द्वारा सौर उर्जा के क्षेत्र में किये निवेश का स्वागत करते हुये स. मजीठिया ने कहा कि प्रवासी भारतीयों द्वारा 245 करोड़ की लागत वाले 45 मैगावाट के सौलर प्लांट स्थापित किये जा रहे है।

इससे पूर्व संबोधित करते हुये संसद सदस्य बलविन्द्र सिंह भूंदड़ ने गैर रिवायती उर्जा के क्षेत्र में हो रहे शानदार कार्यो के लिए स. मजीठिया को बधाई दी। उन्होने किसानों का आहवान किया कि वह राज्य सरकार की किसानो के लिए लागू की सौर उर्जा नीति का लाभ उठायें।

नैक्सटजैन सोलकल पावर के प्रतिनिधि यशप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि पंजाब सरकार की साकारात्मक पहुंच और पेडा द्वारा की सहायता के साथ वह अपने हिस्से दार प्रवासी भारतीय कंवलजीत सिंह मागट के साथ मिलकर सौर उर्जा के क्षेत्र में ओर निवेश करेगें। अलिआंज इको पावर के प्रतिनिधि जसपाल ढोल व निदेशक ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा लागू की सरल प्रक्रिया के कारण ही वह समय पर प्रोजैक्ट स्थापित करने में सफल हुये है।

इस अवसर पर मुख्य तौर पर विधायक प्रेम मित्तल, पूर्व संसदीय सचिव जगदीप सिंह नकई एवं पेडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. अमरपाल सिंह उपस्थित थे।

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