राज्य की स्कूल शिक्षा विभाग ने खुले वर्ग में शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा को 57 से घटा कर 40 और आरक्षित वर्ग में भर्ती के लिए 57 से 45 कर दिया है।
-शिक्षकों ने जताया विरोध
चेन्नई. राज्य की स्कूल शिक्षा विभाग ने खुले वर्ग में शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा को 57 से घटा कर 40 और आरक्षित वर्ग में भर्ती के लिए 57 से 45 कर दिया है। तत्कालिन स्कूल शिक्षा सचिव प्रदीप यादव द्वारा गत जनवरी में जारी हुए अधिसूचना के आधार पर यह माध्यमिक ग्रेड, स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षकों की भर्ती के लिए लागू होगा। अधिकारियों ने बताया कि इस बदलाव का प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि शिक्षकों की भर्ती केवल शिक्षक भर्ती बोर्ड के परीक्षण के आधार पर की जाती है। कुछ अधिकारियों का कहना है कि इस नए बदलाव से स्कूलों में युवा शिक्षकों की भर्ती अधिक होगी, जो प्रेरित रहेंगे।
हालांकि इस नए बदलाव से शिक्षक नाखुश नजर आ रहे हैं। तमिलनाडु शिक्षक संघ के अध्यक्ष पीके इल्लामरन ने कहा कि इस पहल से टीईटी समेत लाखों शिक्षक प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा प्रत्येक वर्ष 40 हजार विद्यार्थी बीईडी कॉलेज से निकलते हैं और सरकार सिर्फ एक से दो हजार लोगों को ही भर्ती करती है और वह भी हमेशा नहीं। ऐसी स्थिति को देखते हुए सरकार को अपने निर्णय पर फिर से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए नियम के लागू होने के बाद टीईटी के लगभग 35 हजार लोग, जो 40 वर्ष पार कर चुके हैं, को मौका से वंछित कर दिया जाएगा, जो कि सही नहीं है। तमिलनाडु ग्रेजुएट शिक्षक फेडरेशन के महासचिव पी. पैत्रिक रेमंड ने कहा शिक्षकों की भर्ती को लेकर किसी प्रकार की आयु सीमा नहीं होनी चाहिए और सरकार को तत्काल इस निर्णय को वापस लेना चाहिए।