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VIDEO: पानी के घेरे में आधुनिक मशीनें, 2 हजार प्रवासी श्रमिकों को नौकरी गंवाने का सता रहा डर

- अंबत्तूर इंडस्ट्रीयल एस्टेट में बाढ़ से 300 करोड़ का नुकसान

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पुरुषोत्तम रेड्डी@ चेन्नई.

बाढ़ प्रभावित हरेक व्यक्ति की अपनी अलग परेशानियां हैं लेकिन इन सबके बीच सबसे अधिक त्रस्त दिख रहे हैं प्रवासी श्रमिक और कामगार। दो जून रोटी की तलाश में घर से कोसों दूर आकर पसीना बहा रहे इन लोगों पर रोजी का संकट मंडराने लगा है। चक्रवात मिचौंग के चलते हुई मूसलाधार बारिश से चेन्नई के सबसे बड़े और पुराने अंबत्तूर औद्योगिक एस्टेट क्षेत्र में समस्याओं का अंबार लग गया है।

कारखानों में घुसा पानी

अंबत्तूर औद्योगिक एस्टेट संगठन ने औद्योगिक क्षेत्र में जलजमाव और नुकसान की शिकायत की है। बारिश के बाद अंबत्तूर औद्योगिक क्षेत्र में न केवल रास्तों पर बल्कि कारखानों के भीतर भी पानी घुस गया। औद्योगिक संगठन ने आरोप लगाया है कि निगम और प्रशासन की अनदेखी और पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में उद्योग जगत को यह दिन देखना पड़ रहा है। अंबत्तूर एस्टेट का पूरा उत्तरी भाग बारिश के पानी से प्रभावित है। बारिश का पानी बरुदियाट्टू झील से अय्यप्पाक्कम होता अंबत्तूर झील तक पहुंचता है। इस झील से अभी पानी छोड़ दिया गया है जिससे सड़कें, गलियां, कारखाने और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के घरों में पानी घुस गया है।

 

करोड़ों की क्षति

अंबत्तूर झील के ओवरफ्लो होने के कारण अंबत्तूर इंडस्ट्रीयल एस्टेट की कंपनियों में पानी भर गया है। इससे करोड़ों रुपए की मशीनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इलाके में रहने वाले मजदूर कमर और गर्दन तक भरे बाढ़ के पानी से नहीं निकल पा रहे हैं। बारिश से ठप उत्पादन की वजह से कंपनियों को 250 से 300 करोड़ की क्षति की आशंका है। वहीं बारिश का पानी कारखानों में घुस जाने से 50 करोड़ से अधिक की नई मशीनरी खराब हो गई हैं।

 

कामगारों पर संकट

अबत्तूर इंडस्ट्रीयल एस्टेट नॉर्थ में एक हजार से अधिक छोटे और सूक्ष्म उद्यमों का संचालन हो रहा है। इन कारखानों में 2,000 से अधिक स्थानीय और उत्तर भारतीय श्रमिक काम कर रहे हैं। अंबत्तूर के पट्टरवाक्कम के कारखानों में 300 से अधिक उत्तर भारतीय श्रमिकों का कहना है कि वे कारखाने से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। 2 दिनों की बारिश के कारण यहां की सभी इकाइयों में पानी भर गया है।

 

कभी ऐसा मंजर नहीं देखा

एक फैक्ट्री के मालिक ने बताया, मैं 25 साल से यहां व्यापार कर रहा हूं लेकिन ऐसा मंजर कभी नहीं देखा। दो दिन की बारिश के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें बंद हो गई थी। रास्तों पर तो जल जमाव हुआ ही तमाम फैक्ट्रियों के अंदर भी पानी घुस गया। कई फैक्ट्रियों में मशीनों और सामग्री में पानी लगने के कारण करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। इतना बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बारिश में डूबा होने के बाद भी जिला कलक्टर, विधायक, सिडको, औद्योगिक क्षेत्र के किसी भी अधिकारी ने अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है।

 

 

बाढ़ रोकने का करेंगे उपाय

इस बार अधिक नुकसान होने की आशंका है। औद्योगिक क्षेत्र 2015 की तुलना में आई बाढ़ से ज्यादा प्रभावित हुआ है। तमिलनाडु लघु उद्योग विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों का कहना है कि इस मुद्दे का अध्ययन करने और भविष्य में इस तरह की बाढ़ को रोकने के संभावित उपाय खोजे जाएंगे।

– पूर्व अध्यक्ष एएन गिरीशन, अंबत्तूर इंडस्ट्रीयल एस्टेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन