चेन्नई. करूर में राजस्थान मूल के मूर्तिकार परिवार की गणेश महोत्सव को लेकर बनाई गई मूर्तियों के अस्थाई गोदाम को जिला प्रशासन ने सीज कर दिया है। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि यह सरकार की ओर से गणेशोत्सव में खलल डालने की कोशिश है। भारतीय जनता पार्टी ने भी सोशल मीडिया पर इस मसले को उठाया और मूर्ति निर्माता के दु:खड़े वाला वीडियो शेयर किया जो वायरल हो रहा है।
दस सालों से बना रहे है मूर्ति :
वायरल वीडियो में सरकारी अधिकारी गणेश की मूर्तियों वाले गोदाम को सील कर रहे हैं। मूर्ति बनाने वाला परिवार बिलख रहा है। मूर्तिकार ने स्वयं को राजस्थान मूल का बताया है जो दस सालों से यह कार्य संयुक्त परिवार के रूप में कर रहा है। गणेशोत्सव को लेकर वे गत चार महीने से मूर्तियां बना रहे थे। इस दौरान प्रशासन की ओर से उनको किसी तरह कोई नोटिस भी नहीं दिया गया है | और मूर्ति बनाने में भी सिंथेटिक पेंट अथवा पीओपी का उपयोग नहीं किया गया है। दस लाख रुपए का कर्जा लेकर उन्होंने सब तैयारी की थी और करीब सवा सौ मूर्तियां बनाकर रखी थी ताकि गणेश चतुर्थी पर बेच सकें लेकिन अब प्रशासन की ओर से हम पर कहर ढा दिया गया है।
हिन्दू संगठनों ने किया विरोध
मूर्ति वाले गोदाम को सील करने आए सरकारी अधिकारियों से हिन्दू संगठनों के नेताओं ने वार्ता की और विरोध व्यक्त किया कि जानबूझकर गोदाम को सील किया गया है ताकि करूर सहित आस-पास के जिलों में मूर्तियां नहीं पहुंचे और गणेशोत्सव के उल्लास में पानी फिर जाए।
भाजपा ने कहा हिन्दुओं पर हमला
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और तमिलनाडु प्रभारी सीटी सेल्वम ने गोदाम को सील किए जाने वाला वीडियो शेयर किया। उन्होंने इसे हिन्दुओं पर हमला बताया। भाजपा नेता ने कहा कि मूर्तिकार के करुण विलाप का भी सरकारी अधिकारियों पर कोई असर नहीं दिखाई दिया जो सीएम स्टालिन के सनातन धर्म के घृणास्पद एजेंडे को लागू करने में लगे हैं। उनके बाद तमिलनाडु भाजपाध्यक्ष के. अन्नामलै ने भी पोस्ट किया कि यह घटना सनातन धर्म के अनुयाइयों की भावनाओं पर गहरा आघात है।