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पुस्तक प्रेमियों ने की खरीदारी, बाल साहित्य ने खींचा ध्यान

46 वां चेन्नई पुस्तक मेला

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Book Fair

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चेन्नई. द बुकसेलर्स एंड पब्लिशर्स एसोसिएशन ऑफ़ साउथ इंडिया (बापसी) के तत्वावधान में 46 वां चेन्नई पुस्तक मेला यहां वाईएमसीए ग्राउंड में शुरू हुआ। पुस्तक प्रेमियों ने मेले में पहुंच कर पुस्तकों की खरीद की। पुस्तक मेले में लगे स्टालों में से बाल साहित्य के एक विशेष वर्ग ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। सैकड़ों नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी पसंदीदा कहानियों की किताबें खरीदी।
एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने बताया कि हालांकि राज्य भर में कई पुस्तक मेले आयोजित किए जाते हैं, लेकिन चेन्नई पुस्तक मेला अलग हटकर है। यहाँ के स्टालों पर पुस्तकों की विविधता और विस्तार प्रेरणादायक है। मैं अपने छात्रों को नियमित रूप से पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। यह उन्हें अपनी भाषा सुधारने, अतीत का ज्ञान प्राप्त करने और भविष्य से निपटने के लिए कौशल बढ़ाने में मदद करता है। स्कूल शिक्षा विभाग को सभी स्कूलों से छात्रों को मेले में लाने की व्यवस्था करनी चाहिए।
एक अन्य पुस्तक प्रेमी एस. प्रसाद ने कहा कि किताबें यहां व्य़ापक है। मैं टीएनपीएससी-ग्रुप-1 परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूँ और कुछ अध्ययन सामग्री हासिल करने के लिए यहां आया हूं। व्यक्तिगत विकास, भारतीय अर्थव्यवस्था और राजनीति पर अनेक पुस्तकें यहांउपलब्ध हैं। मैंने पहले ही कुछ किताबें खरीद ली हैं और अपने परिवार के साथ एक दिन और यहां आने की योजना बना रहा हूं। मैं इसी परिसर में होने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले को लेकर भी उत्साहित हूं।
राज्य सरकार ने इस वर्ष लोकप्रिय तमिल कृतियों का 30 भाषाओं में अनुवाद करने का निर्णय लिया है। साथ ही, यह 30 देशों के कार्यों का तमिल में अनुवाद करना चाहता है। मेला 22 जनवरी तक चलेगा। प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8.30 बजे तक मेले में पुस्तकों की खरीद कर सकते हैं। तमिलनाडु सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह इस साल एक अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला आयोजित करेगी। तदनुसार, बापसी द्वारा आयोजित पुस्तक मेले के पास एक अलग हॉल बनाया जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला 16 से 18 जनवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। इसमें 30 से 40 देशों के प्रकाशकों के भाग लेने की उम्मीद है। एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस मेले का उद्गाटन किया था।
स्टालिन ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले डेढ़ साल में 173 पुस्तकें प्रकाशित की हैं। अब सभी जिलों में भव्य पुस्तक महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं और राज्य सरकार ने पिछले साल इस पहल के लिए 5.5 करोड़ रुपए आवंटित किए थे। को सालाना केवल 75 लाख रुपए आवंटित किए गए थे, लेकिन डीएमके सरकार ने इसे अतिरिक्त 50 लाख रुपए प्रदान किए। इस प्रकार की वित्तीय सहायता निरंतर बनी रहेगी। साथ ही पिछले साल शहर में बुक पार्क बनाने का वादा किया था। पार्क के लिए उपयुक्त जगह मिलने के बाद जल्द ही इस संबंध में घोषणा की जाएगी।
इस अवसर पर तमिल विकास विभाग द्वारा प्रकाशित संगम साहित्य पर चित्रों के साथ एक तमिल मासिक कैलेंडर भी जारी किया। मंत्री टी. मनो तंगराज ने पहली प्रति प्राप्त की। उन्होंने राज्य सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित एक स्मारिका 'तमिलनाडु दिवस 18 जुलाई' भी जारी किया, जिस दिन राज्य का नाम बदलकर तमिलनाडु रखा गया था।