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चेन्नई।उपाध्याय प्रवर रवीन्द्रमुनि ने अन्य संतों प्रदीपमुनि, ऋषिमुनि, वैभवमुनि व अर्हममुनि के साथ रविवार को श्री एसएस जैन संघ के तत्वावधान में साहुकारपेट में एकाम्बरेश्वर अग्रहारम स्ट्रीट स्थित जैन स्थानक में चातुर्मासिक मंगल प्रवेश किया। इस मौके पर तिरुपली स्ट्रीट स्थित सिंघवी सदन से भव्य जुलूस निकाला गया या। जुलूस वालटेक्स रोड, एलिफेंट गेट स्ट्रीट, मिंट स्ट्रीट होते हुए जैन भवन पहुंचा।
यहां पहुंचने पर संतों की संघ अध्यक्ष आनंदमल छल्लाणी, उपाध्यक्ष अनोपचंद भिड़कचा व सुमेरमल चोरडिया, मंत्री हस्तीमल खटोड़, सहमंत्री ज्ञानचंद कांकलिया एवं कोषाध्यक्ष विजयराज दुगड़ व सुरेशचंद डूंगरवाल तथा सिद्धेचंद लोढ़ा ने अगवानी की एवं जुलूस धर्मसभा में परिवर्तित हुआ। बाद में धर्मसभा में रवीन्द्र मुनि ने कहा यह जिनवाणी श्रवण करने का अवसर है। साधु आठ माह तक जन जन के बीच जाकर जिनवाणी का श्रवण कराते हैं। वे गांव गांव और प्रकृति के बीच जाकर जिनशासन को जनता के बीच ले जाने का भगीरथ प्रयास कर करते हैं। ये चार महीने हैं जिनमें एक ही स्थान पर प्रवचन सुनने एवं तप करने का श्रद्धालु लाभ ले सकते हैं।
उन्होंने कहा चातुर्मास में विधिपूर्वक जप तप के जरिए आराधना की जाती है। इससे जीवन में सुन्दर ऊर्जा आती है। इससे आध्यात्मिकता का पोषण होता है। चातुर्मास आत्मा को शुद्ध और जागृत करने का अवसर है। इससे पहले मुनि ने पिछले वर्ष हैदराबाद में किए गए चातुर्मास पर प्रकाश डाला। इसके बाद आवड़ी में नगर प्रवेश हुआ। चेन्नई के विभिन्न उपनगरों में विचरण किया। उन्होंने विहार में संस्कार मंच के युवाओं द्वारा की गई सेवा की सराहना की।
उन्होंने कहा कि चातुर्मास के चार महीने तक प्रवचन होगा। ऐसे में नींद को कम करें और समय पर प्रवचन में हिस्सा लेकर फायदा उठाएं। प्रवचन में ज्ञान और अनुभव को सहज भाव से जन जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। हर विषय पर प्रवचन एवं स्वाध्याय होगा। इससे मन की शंकाएं दूर होंगी। धर्म के प्रति श्रद्धा बढ़ेगी। सामाजिक विषयों से जुड़ी सार्थक चर्चा होंगी।
उन्होंने नवयुवकों को कहा वे आगे आएं। मुनि ने कहा कि समन्वय की नीति पर चलते हुए सबको साथ लेकर चलेंगे तभी सबका विकास होगा। उन्होंने राजस्थान के प्रवासियों की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान के लोग जहां भी गए अपनी संस्कृति को नहीं छोड़ा। उन्होंने जैन कान्फ्रेंस से अधिक से अधिक कार्यक्रमों के आयोजन करने को कहा। साथ ही संस्था को और उपयोगी बनाने एवं संकल्प को और मजबूत करने की सलाह दी।
इस मौके पर बेंगलूरु, दिल्ली, मुम्बई, जोधपुर, मध्यप्रदेश तथा चेन्नई के विभिन्न उपनगरों से लोगों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में श्री जैन महावीर महिला मंडल, युवती मंडल, श्री जय संस्कार महिला मंडल तथा श्री एस.एस.जैन बालिका मंडल एवं जागो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
धर्मसभा में ये अतिथि थे उपस्थित
श्री जैन कान्फ्रेंस नई दिल्ली के युवा संरक्षक पारस मोदी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बालचंद खरवड़, श्री जैन महासंघ, चेन्नई के अध्यक्ष सज्जनराज मेहता, श्री जैन कान्फ्रेंस तमिलनाडु के महामंत्री महावीरचंद बोहरा उपस्थित थे। इसके अलावा प्रसन्नचंद चोरडिय़ा, डा. उत्तमचंद गोठी, मोहनलाल चोरडिय़ा, किशनलाल खाबिया, माणकचंद खाबिया, पारसमल लोढ़ा, कन्हैयालाल झाम्बर, जे.पी. ललवाणी, ओमप्रकाश सिसोदिया, जवरीलाल कर्णावट तथा विजयराज गडवानी समेत कई संघों के गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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