
पटना हॉस्टल कांड (फोटो- Rohini Acharya X)
Patna NEET Student Rape-Murder Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच में नया मोड़ आया है। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रा के अंडरगारमेंट्स पर स्पर्म मिला है और सूत्रों के अनुसार यह 18 से 21 साल के लड़के का है। इस खुलासे ने जांच की दिशा पूरी तरह बदल दी है। अब सवाल यह है कि क्या NEET छात्रा का हत्यारा कोई साथी, कोई जान-पहचान वाला, या हॉस्टल का कोई करीबी था?
आधिकारिक FSL सूत्रों के अनुसार, छात्रा के अंडरगारमेंट्स पर मिले स्पर्म के बायोलॉजिकल एनालिसिस से पता चला है कि यह 18 से 21 साल के एक युवक का है। यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब शुरुआती जांच शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन पर केंद्रित थी। हालांकि, इस नई जानकारी ने जांच एजेंसियों के सामने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह युवक छात्रा का दोस्त था? क्या वह हॉस्टल से जुड़ा था? या यह कोई ऐसा व्यक्ति है जिस पर अब तक शक नहीं किया गया है?
इस हाई-प्रोफाइल मामले में, पुलिस ने शुरू में इसे आत्महत्या बताया था। उन्होंने दावा किया था कि छात्रा ने बड़ी मात्रा में नींद की गोलियां खाई थीं और वह पहले से ही टाइफाइड से पीड़ित थी। हालांकि, परिवार ने शुरू से ही इस थ्योरी को खारिज कर दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और FSL की रिपोर्ट ने परिवार के आरोपों की पुष्टि की। रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर कई गंभीर चोटों, गर्दन पर खरोंच और दबाव के निशान और उसके प्राइवेट पार्ट्स पर गंभीर चोटों का जिक्र है। इन तथ्यों से साफ हो गया कि छात्रा की मौत से पहले उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया था।
परिवार का आरोप है कि घटना के तीन दिन बाद तक पुलिस ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल को सील नहीं किया, जिससे अहम सबूतों से छेड़छाड़ की गई। परिवार का कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई की जाती तो सच्चाई पहले सामने आ सकती थी। इस लापरवाही के बाद, दो पुलिस अधिकारियों, चित्रगुप्त नगर पुलिस स्टेशन की SHO रोशनी कुमारी और कदमकुआं पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर हेमंत झा को सस्पेंड कर दिया गया।
FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट के बाद, SIT ने कई संदिग्धों के DNA सैंपल लिए हैं। इनमें छात्रा के [परिवार के कई लोग, हॉस्टल मालिक मनीष रंजन और कई अन्य लोग शामिल हैं। इन सैंपल का अब पीड़िता के अंडरगारमेंट्स पर मिले स्पर्म से मिलान किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि 18-21 साल का यह युवक छात्रा के बहुत करीब हो सकता है, जैसे कोई दोस्त, रिश्तेदार, या कोई जाना-पहचाना व्यक्ति जो अक्सर हॉस्टल आता-जाता था।
छात्रा के पिता का कहना है कि उनकी बेटी की मौत के बाद, पुलिस ने उनसे बार-बार पूछा कि वह किससे बात करती थी और उसके दोस्त कौन थे, जबकि असली अपराधी खुले घूम रहे थे। परिवार अभी भी CBI (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) जांच की मांग कर रहा है। इस मामले को लेकर पटना और बिहार के कई अन्य जिलों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, लोग छात्रा के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
Updated on:
29 Jan 2026 03:29 pm
Published on:
29 Jan 2026 03:29 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
