
कांग्रेस (File Photo)
Bihar Politics: राज्य सभा चुनाव में वोटिंग के दौरान अनुपस्थित रहने वाले कांग्रेस के तीनों विधायकों से पार्टी ने जवाब तलब किया है। उनसे पूछा गया है कि आखिर किन कारणों से वे मतदान के समय मौजूद नहीं थे। पार्टी ने तीनों विधायकों को दो दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। दरअसल, इन तीनों विधायकों की गैरहाजिरी की वजह से राज्यसभा चुनाव में आरजेडी उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद महागठबंधन के भीतर खटपट की खबरें सामने आने लगी हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा से नाराज होकर ही ये विधायक मतदान के समय अनुपस्थित रहे।
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने इस मुद्दे पर तेजस्वी यादव की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि राज्य सभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के बिहार प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष से बातचीत तक नहीं की गई। उनके मुताबिक, तेजस्वी यादव को इस मुद्दे पर अपने सभी सहयोगी दलों से संवाद करना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस की अनदेखी की गई। पप्पू यादव ने कहा कि इसी का नतीजा रहा कि कांग्रेस के तीन विधायक नाराज हो गए और मतदान में हिस्सा नहीं लिया।कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास, मनोहर प्रसाद सिंह और सुरेंद्र कुशवाहा वोटिंग के दिन अनुपस्थित रहे। अब ये तीनों विधायक भी खुलकर आरजेडी के प्रति नाराजगी जता रहे हैं।
कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने राज्य सभा चुनाव में वोटिंग नहीं करने को लेकर कहा कि प्रत्याशी के चयन में उनके प्रदेश अध्यक्ष और बिहार प्रभारी की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी द्वारा आयोजित बैठक में भी कांग्रेस नेताओं को नहीं बुलाया गया। उन्होंने आगे कहा, “जब राज्य सभा चुनाव में उम्मीदवार चयन से लेकर रणनीति बनाने तक हमारी पार्टी की कोई भागीदारी नहीं थी और हमारे नेताओं का सम्मान नहीं किया गया, तो हमें वोट देने का कोई अधिकार नहीं महसूस हुआ।”
कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह ने राज्यसभा चुनाव में वोटिंग नहीं करने को लेकर कहा कि उनकी पार्टी की ओर से महागठबंधन को वोट देने का कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिला था। उन्होंने बताया कि चुनाव से दो दिन पहले प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने व्हाट्सऐप के माध्यम से महागठबंधन को वोट देने का संदेश भेजा था। वहीं, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने भी कहा था कि सभी विधायक सोच-समझकर अपना फैसला लें और उसी के अनुसार वोट करें। मनोहर प्रसाद सिंह ने कहा कि इन्हीं कारणों से उन्होंने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा चुनाव को लेकर आरजेडी द्वारा कांग्रेस की प्रदेश इकाई की उपेक्षा किए जाने से पार्टी के नेता नाराज थे। बताया जा रहा है कि आरजेडी ने इस चुनाव को लेकर महागठबंधन की दो बैठकें बुलाईं, लेकिन इनमें कांग्रेस को आमंत्रित नहीं किया गया। इससे प्रदेश स्तर से लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद कांग्रेस ने न तो सीधे क्रॉस वोटिंग की और न ही खुलकर आरजेडी का विरोध किया, बल्कि चुपचाप अपनी रणनीति तय कर ली।
पार्टी की ओर से विधायकों को कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिया गया, जिसके चलते तीन विधायक वोटिंग के दिन अनुपस्थित रहे। इसका सीधा असर यह हुआ कि आरजेडी उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। बिहार कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि पार्टी अपने तीनों विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाएगी। इसका कारण यह है कि वोटिंग को लेकर पार्टी की ओर से कोई आदेश या व्हिप जारी नहीं किया गया था, इसलिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना नहीं है।
Updated on:
19 Mar 2026 09:35 am
Published on:
19 Mar 2026 09:23 am
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