
अनंत सिंह और आनंद मोहन
बिहार की राजनीति में दो दशकों तक एकछत्र राज करने वाले नीतीश कुमार अब राज्य सभा सदस्य के रूप में दिल्ली की पारी शुरू करने जा रहे हैं। सोमवार, 16 मार्च 2026 को राज्य सभा सदस्य के तौर पर उनके चुने जाने के साथ ही, बिहार में 'नीतीश युग' का औपचारिक अंत आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। फिर भी, उनके इस फैसले से राज्य के दो सबसे बाहुबली नेता साफ तौर पर नाराज दिख रहे हैं। मोकामा के 'छोटे सरकार' अनंत सिंह और पूर्व सांसद आनंद मोहन दोनों ने ही नीतीश के इस कदम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
मोकामा के विधायक अनंत सिंह, जो सोमवार को राज्यसभा चुनावों में अपना वोट डालने के लिए बेउर जेल से बाहर आए थे, इस बार बिल्कुल ही अलग अंदाज में दिखे। नीतीश कुमार के प्रति अपनी अटूट वफादारी दोहराते हुए, उन्होंने विधानसभा परिसर के भीतर एक ऐसी घोषणा की जिसने सभी को चौंका दिया।
अनंत सिंह साफ कहा, 'अगर नीतीश कुमार खुद अब मुख्यमंत्री नहीं रहने वाले हैं, तो मेरे विधायक बने रहने का क्या फायदा? यह मेरा आखिरी चुनाव था, अब मैं इसके बाद कोई और चुनाव नहीं लड़ूंगा।' उन्होंने आगे यह भी साफ किया कि उनकी राजनीतिक विरासत को अब उनका बेटा आगे बढ़ाएगा।
दूसरी ओर, बाहुबली नेता आनंद मोहन ने नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए, उन्होंने कहा कि जनता के लिए यह बात बिल्कुल भी मंजूर नहीं है कि जिस नीतीश कुमार के चेहरे पर उन्होंने भरोसा किया था और जिसके लिए उन्होंने वोट दिया था, वही बीच में ही अपना पद छोड़कर दिल्ली चला जाए।
आनंद मोहन ने जोर देकर कहा कि बिहार की जनता इस फैसले से बिल्कुल भी खुश नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि विधानसभा चुनाव नीतीश जी के नाम पर ही लड़े गए थे, इसलिए यह स्वाभाविक ही था कि सत्ता की बागडोर उन्हीं के हाथों में बनी रहनी चाहिए थी।
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर अनंत सिंह राजनीति से संन्यास लेने की बात कर रहे हैं, वहीं जब निशांत कुमार का नाम आया, तो उनका रुख कुछ नरम पड़ता दिखा। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह निशांत को अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहेंगे, तो उन्होंने कहा, 'मेरा आशीर्वाद उनके साथ है, लेकिन सीएम कौन होगा यह नीतीश जी ही तय करेंगे।'
इस बीच अपनी कुछ शिकायतों के बावजूद आनंद मोहन ने नीतीश कुमार के बेटे, निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार को अब युवा नेतृत्व की जरूरत है, खास तौर पर निशांत जैसे नेतृत्व की। उधर, निशांत कुमार जदयू में शामिल होने के बाद से ही काफी सक्रिय हैं और माना जा रहा है कि वे आने वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री जैसी बड़ी भूमिका में दिख सकते हैं।
राज्य सभा में नीतीश कुमार का कार्यकाल 10 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाला है। इस तारीख से पहले, वह आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे देंगे। NDA गठबंधन के भीतर, नए मुख्यमंत्री के चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और फ़िलहाल दावेदारों की सूची में सम्राट चौधरी का नाम सबसे ऊपर है।
Updated on:
18 Mar 2026 09:25 pm
Published on:
18 Mar 2026 09:24 pm
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