
चेन्नई.
सोने व मादक द्रव्यों की तस्करी के लिए चेन्नई ट्रांजिट रूट बन गया है लेकिन 2021 की बात करें तो चेन्नई एयरपोर्ट कस्टम (सीमा शुल्क) ने करीब 70 करोड़ रुपए का सोना पकड़ा। इसी तरह नशीली दवाओं की खेप भी जब्त की गई। तस्करों ने सोने की तस्करी में महिला यात्रियों का भी इस्तेमाल किया।
हालांकि सच्चाई यह भी है कि सीमा शुल्क अधिकारियों को सोने की पहचान करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि तस्करी सोने के पेस्ट के रूप में हो रही है। उनका कहना है कि गिरफ्तारी और बरामदगी की बढ़ती संख्या के बावजूद राज्य में सोने की तस्करी बेरोकटोक जारी है।
तस्करी का बदला तरीका
तमिलनाडु में सोने का कारोबार बहुत होता है। पड़ोसी राज्य केरल में भी सोने की मांग अधिक है। ऐसे में राज्य के एयरपोर्ट तस्करों के लिए ट्रांजिट पॉइंट बन चुके हैं। वे कस्टम विभाग से एक कदम आगे सोचते हुए तस्करी के नए-नए तरीके तलाशते रहते हैं। पिछले साल सोने की तस्करी के 234 मामले दर्ज हुए जिनमें 20 प्रतिशत केस महिलाओं से जुड़े थे। इससे संकेत स्पष्ट है कि वे माध्यम को बदलने के प्रति गंभीर हैं ताकि कस्टम अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकी जा सके। इसी तरह सोने की गिट्टी, छड़ अथवा बिस्कुट की जगह अब इसे लेप अथवा पेस्ट के रूप में लाया जा रहा है। तस्कर नारंगी रंग के नाइट्रिक एसिड और हाइड्रोक्लोरिक एसिड का इस्तेमाल कर पेस्ट के रूप में सोना बना रहे हैं। इसे पकडऩा चुनौतीपूर्ण कार्य है। अधिकारी चाहते हैं कि आरोपियों को सख्त सजा मिलती है तो गोल्ड माफिया और तस्करों के मन में डर बैठेगा।
मादक द्रव्य और विदेशी मुद्रा
कोरोना लॉकडाउन के वक्त तो नशीली दवाओं की तस्करी चरम पर थी। उस वक्त कस्टम विभाग ने भी बहुत सतर्कता दिखाई। 2021 नशीली दवाओं की तस्करी के 41 मामलों का राजफाश हुआ और दर्जन भर गिरफ्तारी हुई। इसी तरह विदेशी मुद्राओं की अवैध आवाजाही के 43 मामले दर्ज किए गए।
2021 में चेन्नई हवाईअड्डे पर जब्त माल
माल वजन कीमत/गिरफ्तारी
सोना 157.75 70.12/144
नारकॉटिक्स -- 181.51/12
विदेशी मुद्रा -- 10.42/36
(वजन किलो में और कीमत करोड़ों में)
Published on:
03 Jun 2022 07:20 pm
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