
चेन्नई। कोलत्तूर विधानसभा
निर्वाचन क्षेत्र की उपेक्षा कर रहे चेन्नई कॉर्पोरेशन के खिलाफ डीएमके कोषाध्यक्ष
व विधायक एम. के. स्टालिन ने बुधवार को मोर्चा खोला। पार्टी ने कॉर्पोरेशन के
अयनावरम जोनल कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। स्टालिन ने प्रदर्शनकारियों को
संबोधित किया कि 10 दिन पहले ही इस प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी लेकिन कोई जवाब
नहीं आया। आज हो रहे इस प्रदर्शन को भी इजाजत नहीं दी गई। हमसे कहा गया कि रैली
नहीं निकाली जाए, हम सहमत हो गए। स्टेज हटाने को भी कहा था लेकिन आप लोगों की बड़ी
तादाद को देखकर वे पीछे हट गए।
स्टालिन ने आरोप लगाया कि कोलत्तूर विधायक
कार्यालय के लिए जमीन देने की मांग की, ठुकरा दी गई। फिर मैंने कहा कि मैं खाली जगह
पर मेज व कुर्सी लगाकर जनता की बात सुनूंगा। फिर कोर्ट की दखल से कॉर्पोरेशन की जगह
आवंटित हुई। मैंने जनता की शिकायत सुनने के लिए फ्री मोबाइल सेवा शुरू की। पिछले
चार सालों में विधायक कोष से 6 करोड़ रूपए की राशि आवंटित की है लेकिन कॉर्पोरेशन
ने केवल एक करोड़ रूपए ही खर्च किया। पांच करोड़ रूपए की राशि अनुप्रयुक्त है।
स्टालिन ने कहा, डीएमके शासनकाल में जब वे महापौर थे 10 फ्लाईओवर का
निर्माण कराया। लेकिन इस सरकार ने एक भी फ्लाईओवर नहीं बनाया। विल्लीवाक्कम रेलवे
ब्रिज के निर्माण को मैंने खत लिखा है। साथ ही सात करोड़ रूपए आवंटित भी किए है।
उनका आरोप था कि डेंगू और स्वाइन फ्लू के संक्रमण को रोकने में कॉर्पोरेशन नाकाम
रहा। विभिन्न सहायता की मांग को लेकर उनके पास 500 से अधिक अर्जियां आई और मैंने
संबंधित विभागों को भेज दी। हालांकि इन पर कोई जवाब नहीं आया।
स्टालिन ने
महापौर सईदै एस. दुरैसामी पर टिप्पणी की कि वे कहां गायब हो गए हैं, पता नहीं चल
रहा। जिस तरह जयललिता घर तक सीमित हो गई है, शायद वही हाल उनके हैं। जैसे जयललिता
ने विधानसभा में 110 नियम के तहत घोषणाएं की और उनका अमलीकरण नहीं हुआ। उसी तर्ज पर
मेयर दुरैसामी भी कार्य कर रहे हैं।
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